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Herbs

पालक (Palak)

पालक का परिचय (Introduction of Palak)

Table of Contents

पालक क्या है? (Palak kya hai?)

क्या आप जानते है कि सर्दियों में बड़े ही चाव से खाई जाने वाली पालक की सब्जी के बहुत सारे लाभ है| हरी सब्जियों में पालक मुख्य रूप से खाई जाने वाली सब्जी है | यह सब्जी आपकी कीडनी की पथरी को निकालने में बहुत ही फायदेमंद है और यह आपकी कफ संम्बधित समस्या को दूर करता  है | साथ ही यह आपके  खून और आखों के लिए बहुत ही लाभदायक है| पालक खाने से आपके शरीर में संक्रमण का खतरा कम रहता है और पलक्या आपकी हड्डियां को मजबूत बनाता है|

आयुर्वेद के अनुसार, पालक वात-कफ-पित्त को कम करता है। पालक में विटामिन, मिनरल ,फाइटोन्यूट्रिएन्ट्स, प्रोटीन, फाइबर आदि भरपूर मात्रा में तो होते ही हैं, साथ ही कैलोरी ना के बराबर होती है। आयुर्वेद में इस सब्जियों का राजा माना जाता है क्योकि इसमें सभी तरह के पौषक तत्व पाए जाते है और यह आपके शरीर को हष्ट – पुष्ट बनाये रखती है| यह आपके पाचन तन्त्र को मजबूत बनाये रखती है|

ह्रदय संम्बधित रोगियों के लिए यह बहुत ही फायदेमंद है| यह आपके रोग प्रतिरोध को भी मजबूत बनाता है| पलक्या की सब्जी आलस्य, दुर्बलता, जठराग्नि की मंदता, अरुचि,यकृत संम्बधित समस्या को दूर कर आपके शरीर को लाभ पहुचती  है|

पालक का बाह्यस्वरूप  (Palak ki akriti)            

यह मुख्य दक्षिण-पश्चिम एशिया में पाया है और यह भारत के सभी स्थानों पर पाया जाता है| वैसे तो इसकी खेती उच्चे स्थानों में तथा बागो में की जाती है| यह भाद्रपद मास में बोई जाती है तथा मार्गशीर्ष से चैत्र मास तक इसके पत्ते सब्जी के लिए काटे जाते है| इसके पत्ते जितने कटते है उतने ही शीघ्र वापस आते है| इसकी जड़े गुच्छेदार होती है| इसके पत्ते सीधे, एकांतर होते हैं। पत्तों में बीच का भाग बड़ा, मांसल, अंडाकार होता है। इसके फूल हरे-पीले  रंग के होते हैं| इसका पुष्पकाल एवं फलकाल दिसम्बर से अप्रैल होता है|

पालक के सामान्य नाम Herbal Arcade
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पालक के सामान्य नाम (Palak common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Spinacia oleracea
अंग्रेजी (English)Spainach
हिंदी (Hindi)पाकल, पालक शाग,मीठा पालक
संस्कृत (Sanskrit) मधुरा, पलक्या, पालक्या,
अन्य (Other)पलखनी भाजी (गुजराती) पालक (मराठी ) पालक (पंजाबी)
कुल (Family)Chenopodiaceae 

पालक के आयुर्वेदिक गुणधर्म (Palak ke ayurvedic gun)

दोष (Dosha) कफवातवर्धक (Increase cough and vata)
रस (Taste) कटु (pungent), मधुर (sweet)
गुण (Qualities) रुक्ष (dry)
वीर्य (Potency) शीत (cold)
विपाक(Post Digestion Effect) मधुर (sweet)
अन्य (Others)श्वास शामक, रक्तपित्तशामक, ग्राही, मूत्रल
Ayurvedic properties of palak Herbal Arcade
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पलक्या/पालक के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Palak ke fayde or upyog)

सिर दर्द में पालक (Palak for headache)

  • आज कल तो सिर दर्द की समस्या आम हो गई है| दिन भर धूप में रहने, कम्प्यूटर पर काम करने से सिर दर्द होना एक आम बात है| इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए पलक्या की सब्जी का सेवन करना चहिए|

आँख के रोग में (Palak for eyes)

  • पलक्या की जड़, पीपल, शंख और अश्वगंधा को अलग-अलग 4-4 मासा लेकर उसमे जम्बीरी- नींबू के रस को पीसकर इसकी गोलियां बना ले| इन गोलियों को पीसकर आंखों में लगाने से आंखों के रोग में लाभ होता है|
  • पलक्या  के गुण से आंख संबंधी समस्याओं में लाभ पहुंचता है। पलक्या पंचांग के रस को आंखों में लगाने से आंखों की सूजन ठीक  होती है|
  • उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद की बीमारी होना आम बात हो गई है| मोतियाबिंद होने से लोगों को देखने में परेशानी होने लगती है| आयुर्वेद के अनुसार पलक्या का सेवन करने से मोतियाबिंद से आराम मिल सकता है|

नाक के रोग  में (Palak for cold)

  • कभी कभी सर्दी के कारण जुखाम हो जाता है और नाक बंद हो जाती है तो इस अवस्था में पलक्या की सब्जी बनाकर खाने से जुखाम में लाभ मिलता है|

गले की सूजन में (Palak for throat)

  • अक्सर मौसम के बदलने पर गले में खराश या गले में दर्द की शिकायत होने लगती है| इस परेशानी को पलक्या के सेवन से दूर कर सकते हैं| पालक के पत्तों को उबालें| इस रस को गुनगुना होने पर पिएं। पालक के जूस के फायदे से गले की सूजन से आराम मिलती है|

फेफड़ो के रोग में (Palak for lungs)

  • कभी-कभी सांस लेने वाली नली में किसी प्रकार के संक्रमण के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाती है| इसमें पलक्या के पत्ते का रस यानि पलक्या के जूस के फायदे से सूजन कम होने में मदद मिलती है|  5 मिली पलक्या पत्ते के रस  का सेवन करें। इससे फेफड़ों की सूजन कम होती है|

उल्टी में (Palak for vomit)

  • आजकल कल के खान पान के कारण उल्टी और अजीर्ण की समस्या उत्पन्न होती है| इस समस्या से छुटकारा पाने की लिए पालक के पत्तो की सब्जी बनाकर नियमित रूप से खाने पर आपको इसमें लाभ मिलेगा |
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बवासीर में पालक (Palak for piles)

  • जिनको बवासीर है, उनको गुदा में सूजन की परेशानी भी हो जाती है| इस हालत में पलक्या का प्रयोग लाभकारी होता है। पलक्या के पत्ते का साग बनाकर सेवन करने से गुदा की सूजन कम होती है|

ग्रहणी में पालक

  • ग्रहणी एक ऐसी बीमारी है जिसमें लोगों को पेट से संबंधित समस्या हो जाती है| इसमें आंतों में सूजन हो जाती है, और इसके कारण खाना हजम नहीं हो पाता| | पलक्या का औषधीय गुण इस अवस्था को सुधारने में मदद करता है| आप पालक का साग बनाकर खाएं| इससे लाभ होता है|

कमजोरी दूर करने में फायदेमंद (Palak for weakness)

  • अक्सर पौष्टिकता की कमी या किसी अन्य बीमारी कि वजह से कमजोरी हो जाती है| शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए 5-10 मिली पालक पत्ते के रस का रोज सेवन करें| इससे शरीर में खून की कमी दूर होती है और शरीर को नई ऊर्जा मिलती है|

पीलिया में (Palak for jaundice)

  • `पीलिया होने का खतरा जब ज्यादा बढ़ जाता है तो इसका सेवन ऐसे करें- पीलिया होने पर पालक के बीज या पालक का पेस्ट बनाकर खाने से लाभ मिलता है| 1-2 ग्राम पालक बीज का चूर्ण या 1-2 ग्राम पालक पेस्ट का सेवन करें। इससे लीवर की सूजन और पांडू या एनीमिया में भी लाभ मिलता है| पालक का गुण लीवर की सूजन को कम करने में मदद करता है|
  •  इसके अलावा 5-10 मिली पालक के पत्तो के  रस में 20-30 मिली गन्ने का रस मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ मिलता है|

मूत्र करते समय दर्द की समस्या में उपयोगी (Palak for urinary disease)

  • जिन लोगों को पेशाब करते समय दर्द होता है, उन्हें पालक का इस्तेमाल इस तरह से करना चाहिए। आप 5-10 मिली पालक बीज का काढ़ा बना लें| इसका सेवन करने से पेशाब में दर्द की बीमारी ठीक होती है|

हड्डियों की मजबूती में (Palak for bones)

  • पालक का जूस हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद होता है| पालक में पाये जाने वाले  विटामिन्स और मिनिरल जैसे कैल्शियम और आयरन हड्डियों को मज़बूती प्रदान करते हैं जिससे ऑस्टोपोरोसिस, एनीमिया जैसी  बीमारियों से बचाव होता है| 

गर्भवती महिलाओ के लिए उपयोगी (Palak for pregnancy)

  • गर्भवती महिलाओं के लिए पालक का सेवन फायदेमंद होता है, क्योंकि पालक आयरन का  मुख्य स्रोत होता है जिसकी गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता होती है| इसलिए पालक का सेवन करना चाहिए|

रक्तचाप में उपयोगी (Palak for blood pressure)

  • पालक में भरपूर मात्रा में नाइट्रेट पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है| इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है| पालक का सेवन करने से हृदय स्वस्थ रहता है और इससे जुड़ी बीमारियां भी दूर रहती हैं|

वजन घटाने में उपयोगी (Palak for weight loss)

  • पालक में पाया जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर रखता है जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है| इसका सेवन करने से बार-बार भूख नहीं लगती है जिससे मोटापे की समस्या नही रहती है|

कैंसर को दूर करने में उपयोगी (Palak for cancer)

  • कैंसर के लिए भी पालक का प्रयोग फायदेमंद साबित हो सकता है| दरअसल, पालक बीटा कैरोटीन और विटामिन,सी, से समृद्ध होता है और ये दोनों पोषक तत्व विकसित हो रही कैंसर कोशिकाओं से सुरक्षा प्रदान कर सकते है|

प्रमेह में उपयोगी पालक

  • यदि किसी को प्रमेह रोग है तो उसमे भी यह बहुत लाभदायक है| इस रोग में आप पालक की सब्जी का प्रयोग करते हो तो आपको जल्दी से लाभ मिलेगा|

गठिया दर्द में उपयोगी (Palak for gout)

  • गठिया लोगों को बहुत परेशान करता है| हाथ, पैर, कमर में और जोड़ो में भी गठिया के कारण तेज दर्द होता है| इसमें लाभ पाने के लिए पालक के बीज और पत्ते का प्रयोग कर सकते हैं| आप पलक्या के बीजों तथा पत्तों को पीसकर जोड़ों पर लगाएं| इससे दर्द और सूजन कम  होती है| गठिया का दर्द कम करने में पालक का गुण फायदेमंद साबित होता है|

दाग धब्बे में उपयोगी पालक

  • सफेद दाग या कील की समस्या में भी पलक्या का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। पलक्या के पत्ते का पेस्ट बनाकर लगाने से दाग कम होते हैं|

खुजली में उपयोगी (Palak for itching)

  • पलक्या के बीजो का समभाग, खसखस बीजो को मिलाकर  कूटकर और उसे नीम के पत्ते वाले पानी में डालकर नहाने से खुजली जल्दी ही समाप्त होती है|

एनीमिया में उपयोगी (Palak for anemia)

  • एनीमिया जैसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आप पलक्या का प्रयोग कर सकते है|

याददाश्त बढ़ाने में पालक (Palak for memory)

  • मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी पलक्या के फायदे देखे जा सकते हैं| पलक्या मस्तिष्क के लिए उपयोगी विटामिन-के, ल्यूटिन, फोलेट और बीटा कैरोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है| पलक्या का सेवन  याददाश्त शक्ति को मजबूत करने का काम कर सकता है|

पाचन तंत्र में उपयोगी (Palak for digestion)

  • पलक्या में पाए जाने वाले पौषक तत्व जो आपके भोजन को अच्छी तरह से पचाता है और पाचन तन्त्र को मजबूती प्रदान करता है|

बुखार में उपयोगी (Palak for fever)

  • यदि आपको सर्दी जुकाम के कारण बुखार हो गया है तो पलक्या के पत्ते का रस या काढ़ा बनाकर 10-30 मिली पिने से ज्वर में जल्दी से लाभ मिलेगा|

तनाव में (Palak for stress)

  • आजकल तो तनाव और अंसुतलित खान-पान के कारण ज्यादातर लोगों को उच्च रक्तचाप की बीमारी होने लगी है| इसके लिए 5-10 मिली पलक्या के रस  में समान भाग नारियल का जल  मिला लें| इसके सेवन से उच्च रक्तचाप में फायदा पहुंचता है|

उपयोगी अंग (भाग) (Important parts of Palak)

  • पत्ते  
  • बीज

सेवन मात्रा (Dosages of Palak)

  • जूस – 5-10 मिली