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अनानास (Ananas)

अनानास का परिचय: (Introduction of Ananas)

Table of Contents

अनानास क्या है? (what is Ananas)

आज हम बात करेंगे एक बहुत ही स्वादिष्ट फल अनानास के बारे में| दुनियाभर में सभी लोग इसे बहुत चाव के साथ खाते है| स्वादिष्ट होने के साथ ही यह फल पौष्टिक भी होता| इसमें पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों की हमारे शरीर को हर दिन जरुरत पड़ती है|

यदि आप इस फल को अपने भोजन में दिन में एक बार भी शामिल करते है तो इससे आपके स्वस्थ रहने की सम्भावना कई गुना तक बढ़ जाती है| इतना ही नही यह फल आपको रोगों से भी बचने में काफी हद तक सहायता प्रदान करता है|

जिस चीज़ का सेवन हम करते है उसके फायदें और नुकसान तो हमे पता होने ही चाहिए| आइये आज आपको परिचित कराते है अनानास और उससे होने वाले फायदों के बारे में|

बाह्य स्वरुप (आकृति विज्ञान) (Ananas ki akriti)

यह एक छोटा और झाड़ीदार पौधा होता है| इसकी पत्तियों का आकार ग्वारभाटे के समान होता है| पत्तों के किनारों पर कुछ कांटे आकृति होती है जिसे हाथ लगाने पर कांटे के समान ही महसूस होता है| इन पौधों के बीच वाले भाग पर कुछ नीले रंग के फूल आते है| इन फूलों के गिर जाने के बाद अनानास फल लगता है| इसके फल कटहल के आकार के होते है जो काफी रसीले होते है| कच्ची अवस्था में ये हरे खट्टे और पकने के बाद ये कुछ पीले रंग तथा मीठे होते है|

अनानास में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Ananas ke poshak tatv)

  • कार्बोहाइड्रेट
  • प्रोटीन
  • स्टार्च
  • विटामिन A, C और K
  • फाइबर
  • पोटेशियम
  • फास्फोरस
  • कैल्शियम
  • मैग्नेशियम
  • सोडियम
  • आयरन
  • जिंक
  • कॉपर
  • मैग्नीज
  • ग्लूकोज
  • किण्वक आदि|
Pineapple common names Herbal Arcade
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अनानास के सामान्य नाम (Ananas common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Ananas comosus
अंग्रेजी (English)Pineapple
हिंदी (Hindi)अनन्नास, अनानास
संस्कृत (Sanskrit)बहुनेत्रफला, अनन्नासम्
अन्य (Other)कैथाचक्का (मलयालम) भुई कटहर (नेपाली) आनारस (बंगाली) अनाशपालेम (तमिल) अनन्नासुहन्नू (उर्दू)
कुल (Family)Bromeliaceae

अनानास के आयुर्वेदिक गुण धर्म (Ananas ke ayurvedic gun)

दोष (Dosha) वातपित्तशामक (pacifies vaat nad pitta)
रस (Taste) मधुर (sweet), अम्लीय (sour)
गुण (Qualities) गुरु (heavy), स्निग्ध (oily)
वीर्य (Potency) शीत (cold)
विपाक(Post Digestion Effect) मधुर (sweet)
अन्य (Others)रुचिकारक, दीपक, अनुलोमन
अनानास के आयुर्वेदिक गुण धर्म Herbal Arcade
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अनानास के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Ananas ke fayde or upyog)

कब्ज़ को समाप्त करे अनानास का सेवन (Ananas for constipation)

  • कब्ज़ से पीड़ित व्यक्ति द्वारा अनानास के रस का सेवन किया जाता है तो कब्ज़ की समस्या से छुटकारा मिलता है| इसके साथ ही इसमें पोषक तत्व भी होते है जो आपके शरीर में पानी की कमी नही होने देते तथा कब्ज़ से बचाते है|

नकसीर की समस्या में (Ananas for blood bile)

  • जब पित्त विकृत हो कर रक्त के साथ शरीर के छेदों से बाहर आने लगे तो इस फल के रस का सेवन उचित रहता है| इस रस को दिन में एक से दो बार तक पीना चाहिए|

पथरी को बाहर निकाले अनानास (Ananas for calculus)

  • अनानास का सेवन करना आपके शरीर में उपस्थित पथरी को बाहर निकालने में सहायता करता है| इसका सेवन करने से पथरी गल कर मूत्र के माध्यम से बाहर आ जाती है|

मूत्र रोगों में लाभदायक (Ananas for urinary disease)

  • यदि मूत्र सामान्य मात्रा से कम आता है तो इस परिस्थिति में इस फल के रस में शहद मिला कर लेना चाहिए| इससे यह समस्या दूर होती है|
  • इसके अलावा यदि आपको बार बार मूत्र त्यागने की शिकायत होने लगी है तो इसके फल, खजूर, घी और मधु को उचित मात्रा में एक दूसरे के साथ मिश्रित कर के कांच के पात्र में रख लेना चाहिए| अब इसका सेवन रोज़ करने से इस समस्या का जल्द ही समाधान होगा|

बुखार में (Ananas for fever)

  • बुखार में इसके फलों के रस का सेवन करना चाहिए| इस रस में मधु मिलाकर भी सेवन कराया जा सकता है| ऐसा करने से शरीर में उपस्थित सारे विषाक्त पदार्थ पसीने और मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाते है| इसके कारण ही बुखार में लाभ मिलता है|

पेट के कीड़ों का शमन करे अनानास (Ananas for stomach bugs)

  • इस पौधे की पत्तियों का रस निकाल कर उसमे मधु डाल कर पीने से पेट के कीड़ों का शमन होता है|
  • इसके कच्चे फल का रस निकाल कर लेने से भी पेट के कीड़े मरते है|

अनियमित मासिक धर्म में (Ananas for menstrul problems)

  • इस पौधे के पत्तों का काढ़ा बना कर सेवन करने से मासिक धर्म में आने वाली बाधा का शमन होता है|
  • पीपल की छाल का चूर्ण और गुड़ को इसके कच्चे फल के रस में डालकर लेने से अनियमित मासिक धर्म की समस्या दूर होती है|
  • अनानास के कच्चे उबले हुए फल को खाने से भी मासिक धर्म की सभी समस्याएँ दूर होती है|

दर्द होने पर (menstrul for pain)

  • शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार के दर्द को रोकने के लिए इस औषधि के कच्चे फलों का सेवन बहुत लाभदायक होता है|

आफरा आने पर

  • यदि खाना खाने के बाद आपको भी आफरे की शिकायत है तो ऐसे में इसके अपक्व फल का सेवन उचित रहता है|

अम्लपित्त या एसिडिटी में अनानास (Ananas for esidity)

  • अम्लपित्त या एसिडिटी में खट्टी डकारें आना, सीने में जलन जैसे लक्षण दिखाई देते है| ऐसे में आप इसके कच्चे फलों पर नमक लगा कर सेवन कर सकते है|

सामान्य दुर्बलता को दूर करे (Ananas for weakness)

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  • लम्बी बीमारी के बाद आने वाली कमजोरी, चोट के कारण आने वाली सामान्य प्रकार की दुर्बलता में अनानास के कच्चे फलों का सेवन करना चाहिए| ऐसा करने से दुर्बलता का नाश होता है|

खांसी और अस्थमा में (Ananas for cough and cold)

  • इसके फलों के रस में मुलेठी, बहेड़ा और मिश्री मिलाकर लेने से दमा या अस्थमा और खांसी में आराम मिलता है|
  • छोटी कटेरी की जड़, आंवला और जीरे को बारीक पीस कर उसमे बहुनेत्रफला का रस और शहद मिला कर लेने से भी अस्थमा में लाभ मिलता है| इतना ही नही इसका सेवन खांसी में भी लाभ देता है|

गुल्म का शमन करे अनानास (Ananas for gum disease)

  • पके हुए फलों के रस में यदि यवक्षार, पीपल और हल्दी का चूर्ण कर रस में मिला कर लेने से गुल्म रोग का शमन बहुत जल्द या एक हफ्ते के आस पास हो जाता है| इसके साथ ही लीवर और पेट से जुड़े रोगों में भी इससे लाभ मिलता है|
  • अदरक के रस, भुनी हुई हींग और सैंधे नमक को इस पौधे के फल के रस में डाल कर लेने से गुल्म रोग दूर होता है| इसके सेवन से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है|

पेट में बाल चले जाने पर

  • कई बार खाना खाते समय छोटे छोटे बाल जो खाने पर लगे होते है, उन्हें गलती से हम खा लेते है| ऐसे में यदि इस के फल का रस निकाल कर उसमे गुड़ डाल कर पिया जाता है तो उससे बाल गल जाते है|

जलोदर या पेट में पानी भर जाने पर

  • हरड और बहेड़े का चूर्ण बना कर यदि उसे अनानास के पत्तों से बने काढ़े में मिलाकर पिलाया जाता है तो इस समस्या में लाभ होता है|

पीलिया हो जाने की स्थिति में (Ananas for jaundice)

  • पीलिया या कामला होने पर हल्दी और मिश्री को उचित मात्रा में ले कर पके हुए फलों के रस के साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए| इससे पीलिया का शमन होता है|

मधुमेह को दूर भगाये अनानास का सेवन (Ananas for diabetes)

  • मधुमेह या शुगर से निपटने के लिए इसके फलों का रस निकाल कर उसमे त्रिफला, तिल, गोखरू और जामुन के बीजों को उचित मात्रा में मिला दें| जब यह सूख जाये तो इसका चूर्ण बना लें| अब इसे रोज लेने से मधुमेह में लाभ मिलेगा|
  • आप इसका सेवन दिन में दो से तीन बार तक कर सकते है| इस अवधि में केवल दूध और चावल का ही उपयोग करें| लाल मिर्च, नमक और खट्टी चीजों का सेवन न करें|

सूजन में (Ananas for inflammation)

  • यदि आप किसी दुर्घटनावश घायल है या आपकी सर्जरी हुई है और सूजन उतर नही रही हो तो इसके फलों का रस निकाल कर सूजन वाली जगह पर लेप करना चाहिए|
  • पूरे शरीर में यदि सूजन आ गयी हो तो ऐसे में इसके पके हुए फल के रस का सेवन करना चाहिए| खाने में केवन दूध ही लेना चाहिए|
  • पांवों में सूजन आ जाने पर अनानास के पत्तों पर एरंड का तेल लगाकर उन्हें हल्का गर्म कर लें| अब इसे प्रभावित स्थान पर बांधने से सूजन का समापन होता है| ऐसा करने से मुख्य रूप से पांवो की सूजन समाप्त होती है|

कुष्ठ का समापन करे (Ananas for leprosy)

  • प्रभावित स्थान पर इसके फलों से निर्मित रस का लेप करना चाहिए| इससे कुष्ठ के साथ ही हाथीपाँव की समस्या में भी लाभ मिलता है|

पित्त विकारों का शमन करें

  • अनानास का मुरब्बा और शरबत बना कर सेवन करने से सभी प्रकार के पित्त विकारों का शमन होता है तथा मन भी शांत रहता है|

दस्त में अनानास का सेवन (Ananas for diarrhea)

  • इस पौधे के पत्तों से निर्मित काढ़े का सेवन करने से दस्त पर रोक लगती है| इसके अलावा इसके फल का सेवन भी किया जा सकता है| इसके फल में फाइबर होने के कारण ही दस्त की समस्या मिटती है|

मोटापा कम करे (Ananas for obesity)

  • यदि अनानास के फल को आप भोजन में शामिल करते है तो इससे मोटापा कम होगा| इस फल में बहुत कम मात्रा में कैलोरी और वसा होती है जो मोटापे का मुख्य कारण होती है|

हड्डियों को मजबूत बनायें (Ananas for bones)

  • उम्र के साथ हड्डियाँ कमजोर होती जाती है| ऐसे में इस फल का सेवन करना चाहिए| इस फल के पोषक तत्वों में से एक तत्व कैल्शियम भी होता है जो हड्डियों को मजबूती देता है| इसी कारण इसका सेवन करने से जोड़ो के दर्द और गठिया रोग के लक्षण कम होते दिखाई देते है|

आँखों की रोशनी बढ़ाये (Ananas for eyes)

  • क्या आप भी कम दिखाई देने की समस्या से परेशान है तो ऐसे में आप इस फल या इसके रस का सेवन आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कर सकते है|

कैंसर से बचाव करे (Ananas for cancer)

  • इसके फल में उपस्थित सभी पोषक तत्व एक कैंसर के रोगी के लिए बहुत आवश्यक होते है| ये पोषक तत्व यदि रोगी को रोज़ उचित मात्रा में मिलते रहते है तो रोगी जल्दी अच्छा हो जाता है| आप इसके फल या फलों के रस का सेवन कर सकते है|

स्वस्थ ह्रदय के लिए अनानास का सेवन (Ananas for heart)

  • यदि आप इस फल का सेवन करते है तो यह उच्च रक्तचाप को सामान्य करने में सहायता प्रदान करता है| यह आपके शरीर में रक्त के संचार का संतुलन बनाये रखता है|

दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाये (Ananas for teeth and gums)

  • अनानास के पत्तों का काढ़ा बना कर उससे कुल्ला करने या इसके फल का सेवन करने से दांतों का दर्द ठीक होता है और मसूड़े भी मजबूत होते है|

रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाये (Ananas for immunity system)

  • यदि आप भी अपनी रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाना चाहते है तो इसका सेवन सबसे बेहतर उपाय माना जायेगा| इस एक फल में वह सारे पोषक तत्व मौजूद होते है जो रोगों से लड़ने की क्षमता को बढाते हैं|

नाखूनों के लिए (Ananas for nails)

  • विटामिन्स की कमी के कारण नाख़ून टूटने और ख़राब होने लगते है| इसके फल में पाए जाने वाले विटामिन्स नाखूनों के लिए लाभदायक होते है| इसी कारण इसका सेवन करने से नाख़ून में बदलाव आने लगता है|

त्वचा की समस्याओं में (Ananas for skin)

  • यदि बार बार आपकी त्वचा या होंठ फटने लगते है तो समझ लें कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगी हैं| इस समस्या में यदि आप इसके पके हुए फलों का सेवन करते है तो त्वचा में चमक आती है और त्वचा भी नही फटती है|
  • घाव को सुखाने के लिए भी इसके फलों के रस का लेप करना चाहिए| इसके साथ ही आग से जलने पर भी इसका लेप किया जा सकता है|

भूख बढ़ाये अनानास का सेवन (Ananas for increse hunger)

  • इसके फल का सेवन सही मात्रा में करने से व्यक्ति की भूख बढती है तथा वह हष्ट पुष्ट होता है|

तिल्ली और लीवर के लिए फायदेमंद (Ananas for liver and spleen)

  • इस पौधे के फल का सेवन आपके तिल्ली और लीवर के लिए काफी हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है| लीवर और तिल्ली की बढती हुई वृद्धि को रोकने के लिए आप इसके फल या फल के रस का सेवन कर सकते है|

खून की कमी को पूरा करें अनानास (Ananas for anemia)

  • कई बार एनीमिया के रोगियों को बहुत बाद में पता चलता है कि उनके शरीर में खून की कमी हुई है| ऐसे में यदि इसके फल का सेवन रोज़ किया जाये तो खून की कमी पूरी होती है| इसके फल में भरपूर मात्रा में आयरन रहता है जो हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायता प्रदान करता है|

उपयोगी अंग (भाग) (Important parts of Ananas)

  • फल

सेवन मात्रा (Dosage of Ananas)

  • जूस -25-50 ml

सावधानियाँ – (precautions of Ananas)

  • अनानास का ज्यादा मात्रा में सेवन गले के लिए ठीक नही होता है|
  • अनानास के अधिक सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को शांत करने के लिए नीम्बू का रस, शक्कर, अदरक के रस का सेवन करना चाहिए|

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