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ग्वारफली (Gwarphali)

ग्वारफली का परिचय: (Introduction of Gwarphali)

Table of Contents

ग्वारफली क्या है? (Gwarphali kya hai?)

हरी हरी और ताज़ी सब्जियां सभी लोगो को पसंद होती है| हरी सब्जियों के मुकाबले किसी भी पदार्थ में पोषक तत्व कम ही पाए जाते है| हरी सब्जियों में से ही एक है ग्वारफली | यह सब्जी कुछ लोगो को पसंद होती है तो कुछ को नही|

लेकिन आप इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में सुन कर जरुर इसका सेवन शुरू कर देंगे| फिर चाहे यह आपको पसंद हो या नापसंद हो| इसकी एक छोटी सी फली में भी भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन A, C, K, कार्बोहाइड्रेट, आयरन और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते है|

आइये आज आपको भी परिचित कराते है कि किस प्रकार आप इसका सेवन कर छोटी मोटी बिमारियों का शमन कर सकते है| किस प्रकार यह आपके शरीर को फायदा पहुंचाएगी| यही नही इससे होने वाली हानियों के बारे में भी चर्चा करेंगे|

बाह्य स्वरुप (आकृति विज्ञान) (Gwarphali ki akriti)

अरहर के पत्तों जैसा दिखने वाला यह पौधा छोटा होता है| इसका तना सीधा होता है| इसके फूलों का रंग कुछ बैंगनी रंग का दिखाई देता है| इसकी फली 5 cm तक लम्बी हो सकती है जो अन्दर से गूदेदार होती है| फली का रंग हरा होता है| इसकी फलियों के अन्दर छोटे छोटे बीज होते है| यह अप्रैल से जून के मध्य आती है|

ग्वारफली के पोषक तत्व (Gwarphali ke poshak tatva)

  • कैल्शियम
  • आयरन
  • प्रोटीन
  • फास्फोरस
  • विटामिन A, C, K,
  • कार्बोहाइड्रेट
  • पोटेशियम
  • फाइबर
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ग्वारफली के सामान्य नाम (Gwarphali common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Cymposis tetragonoloba
अंग्रेजी (English)Guvar gum, guar, gwar, Cluster bean
हिंदी (Hindi)ग्वारफली, गुवारफली, वनसेमिया, गुवार की फली
संस्कृत (Sanskrit)गोराणी, दृढबीज, सुशाका, गोपशिम्बी
अन्य (Other)गंवार (राजस्थानी) कोथवारा (मलयालम) कुलटी (पंजाब) गुवर (गुजरात) गुआर (उड़िया)
कुल (Family)Fabaceac

ग्वारफली के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Gwarphali ke fayde or upyog)

वजन घटायें ग्वारफली का सेवन (Gwarphali for weight loss)

  • यदि आप इसकी फली का सेवन वजन घटने के लिए करते है तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी| इसका सेवन करने से काफी देर तक भूख नही लगती| ऐसा इसमें उपस्थित फाइबर की वजह से होता है| इसी कारण यदि आप वजन कम करने के लिए कुछ ढूँढ रहे है तो यह आपके लिए एक अच्छा स्रोत साबित होगा|

मधुमेह में (Gwarphali for diabetes)

  • रात भर पानी में भीगी हुए फलियों तथा पत्रों को अलग कर के बचे हुए पानी का सेवन करने से मधुमेह में लाभ मिलेगा| इसमें रक्त शर्करा को कम करने के गुण पाए जाने के कारण ही मद्हेह या डायबिटीज पर नियंत्रण होता है|

खून की कमी को दूर करें (Gwarphali for anemia)

  • इसकी फली का रोजाना सेवन करने से आपके शरीर में आई खून की कमी भी पूरी है| यह आयरन का एक अच्छा स्रोत होता है जिसका सेवन शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढाता है जिससे खून में वृद्धि होती है| खून का स्तर बढ़ाने के साथ ही यह उसके संचरण को भी सही करती है जिससे रोगों से बचाव होता है|

ह्रदय रोगों में लाभदायक ग्वारफली का सेवन (Gwarphali for heart)

  • इसकी फलियों में भरपूर मात्रा में पोटेशियम और फास्फोरस पाए जाते है जो ह्रदय को मजबूती देते है| इसके अलावा इसमें ऐसे तत्व भी पाए जाते है उच्चरक्तचाप को बराबर करते है तथा कोलेस्ट्रोल को घटाते है| यदि आप भी ह्रदय रोगों की चपेट में आने से बचना चाहते है तो इसका सेवन जरुर करें|

गर्भावस्था में लाभ दें (Gwarphali for pregnancy)

  • ग्वारफली का सेवन गर्भवती महिला और होने वाले शिशु दोनों के लिए लाभदायक होता है| इसमें पाए जाने वाले कैल्शियम और लौह तत्व के कारण हड्डियाँ मजबूत होती है और खून की कमी नही होती है| इसके साथ ही इसमें विटामिन K पाया जाता है जो गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी होता है|

कब्ज़ को दूर करें ग्वारफली (Gwarphali for constipation)

  • इसके पोषक तत्वों में एक पोषक तत्व फाइबर भी होता है| जिसके सेवन से मल नरम बनता है और आसानी से पेट और आंतों की सफाई हो जाती है| आप भी इसका सेवन कर के कब्ज़ से राहत पा सकते है| इसके साथ ही यह आंतों के लिए भी काफी अच्छा काम करती है|

त्वचा रोगों में (Gwarphali for skin disease)

  • घाव से बहने वाले खून को रोकने के लिए इसके पत्तों का लेप सबसे अच्छा रहता है| इसके अलावा आप घाव पर इसके पत्तों के रस को भी लगा सकते है उससे भी घाव जल्दी भरता है|
  • दाद हो जाने पर इसके पत्तों और लहसुन के लेप को दाद पर लगाना चाहिए| जल्द ही यह दाद मिट जायेगा|

दस्त में (Gwarphali for diarrhea)

  • ग्वारफली के काढ़े को दिन में एक से दो बार यदि पिया जाता है तो इससे दस्त का शमन होता है|
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हड्डियों को मजबूती दें ग्वारफली (Gwarphali for bones)

  • यदि आप नियमित रूप से इसकी फलियों को किसी न किसी रूप में भोजन में शामिल करते है तो आपकी हड्डियाँ मजबूत होती रहेगी| इसमें उपस्थित कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देता है|

रात के समय कम दिखाई देना या रतौंधी रोग में

  • यदि आपको भी रात होते ही कम, धुंधला या दिखाई देना बंद हो जाता है तो ऐसे में इसके पत्तों से प्राप्त रस को आँखों में काजल की तरह लगाना चाहिए| इसके अलावा इससे पत्तों गोंद की सब्जी बना कर भोजन में शामिल करने से भी लाभ मिल सकता है|

सूजन का समापन करे (Gwarphali for swelling)

  • इसकी फलियों के साथ तिल या तिल के तेल को अच्छे से मिलाकर पेस्ट बनाकर लगाने से मोच के कारण आने वाली सूजन, घाव के कारण आने वाली सूजन दूर होती है|

कैंसर में लाभदायक ग्वारफली का सेवन (Gwarphali for cancer)

  • ग्वारफली में कैंसर रोधी गुण पाए जाते है| इसी कारण कैंसर के रोगियों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद साबित हो सकता है| एक सामान्य व्यक्ति भी कैंसर से बचाव के लिए इसका प्रयोग कर सकता है|

मस्तिष्क को आराम दें (Gwarphali for mind)

  • इसकी फलियों का सेवन हमें तनाव मुक्त करता है और मस्तिष्क को ठंडक प्रदान करता है| यदि आप भी तनाव से ग्रसित है और उससे छुटकारा पाने का उपाय ढूँढ रहे है तो ग्वारफली एक अच्छा स्रोत साबित हो सकती है|  

उपयोगी अंग (भाग) (Important parts of Gwarphali)

  • तना
  • पत्ती
  • बीज
  • फलियाँ

सेवन मात्रा (Dosage of Gwarphali)

  • चिकित्सक के अनुसार

सावधानियाँ (Precautions of Gwarphali)

  • अधिक मात्रा में इसके पत्तों से बनी सब्जी को नही खाना चाहिए|
  • वायु सम्बन्धी विकार वाले लोगो को इसका सेवन अच्छे से सोच के करना चाहिए| इसका अधिक सेवन आफरा उत्पन्न करती है|
  • यदि आफरे की समस्या हो तो उसे हरा धनियाँ खाना चाहिए|

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