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अखरोट (Walnut)

अखरोट का परिचय: (Introduction of Akhrot)

Table of Contents

अखरोट क्या है? (What is Akhrot?)

जब कभी ड्राई फ्रूट्स या सूखे मेवे की बात आती है तो सबसे पहले नाम आता है अखरोट (अक्रोट) का| आखिर क्यों इसे ड्राई फ्रूट या सूखे मेवे का राजा कहा जाता है? क्या इसे सूखे मेवे का राजा कहा जाना सही है? तो इसका जवाब होगा हां इसे बिल्कुल सूखे मेवे का राजा कहा जा सकता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, कैल्शियम, विटामिन, लोह तत्व जैसे अनगिनत पोषक तत्व पाए जाते हैं|

अखरोट के साथ-साथ उसके पेड़ में भी इतने अधिक गुण होते हैं कि उसे औषधीय प्रयोग में लिया जाता है| इसके गुणों की तुलना बादाम के गुणों से की जा सकती हैं| क्या आप जानते हैं अखरोट का प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता हैं| आइये जानते हैं इसके औषधीय गुणों को|

बाह्य स्वरुप (आकृति विज्ञान) (Akhrot ki akriti)

इसके वृक्ष बहुत सुन्दर होते हैं और चारो और खुशबु फैलाते रहते हैं| इसका तना और डालियाँ काफी मजबूत होती है| इसके पत्ते लम्बे, मोटे और नुकीले होते हैं| सर्दी के समय इसके पत्ते गिर जाते हैं| इसके फूलों का रंग सफ़ेद होता हैं| 25 से 40 सालों के बाद इसके पेड़ पर फल लगना शुरू होते हैं| इसके फल की गिरी में काफी तेल पाया जाता हैं| कृषिजन्य अखरोट के पेड़ की लम्बाई 15 से 30 cm तक होती हैं|

अखरोट कश्मीर से मणिपुर, अफगानिस्तान, तिब्बत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, तुर्की, उत्तराखंड से आसाम में प्राप्त होते हैं वो भी और अधिक ऊंचाई पर|

अखरोट की प्रजातियाँ (Akhrot ki prajatiya)

1. जंगली अखरोट

2. कृषिजन्य अखरोट (कागजी अखरोट)

अखरोट में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व (Akhrot ke poshak tatva)

  • कैफिक
  • क्लोरोजेनिक
  • सीनापिक
  • कोमेरिक
  • फेरूलिक
  • गैलिक
  • सीएनजी कमली
  • वैनिलिक
  • सिरिंजिक अम्ल
  • फास्फोरस
  • कैल्शियम
  • एस्कोरबिक अम्ल
  • जुगलोन
  • बीसीजुगलोन
  • रिजिओनोल
अखरोट के सामान्य नाम Herbal Arcade
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अखरोट के सामान्य नाम (Akhrot common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Juglans regia
अंग्रेजी (English)Walnut
हिंदी (Hindi)अखरोट, अक्रोट
संस्कृत (Sanskrit)शैलभवः, गुडाशयः, वृक्षफलम्
अन्य (Other)अक्रोड (मराठी), अकरोटू (तमिल), अखरोट (उड़िया), ओखरा (नेपाली) आदि
कुल (Family)Juglandaceae

अखरोट के आयुर्वेदिक गुणधर्म (Akhrot ke ayurvedic gun)

दोष (Dosha)वातशामक (pacifies vata)
रस (Taste) मधुर (sweet)
गुण (Qualities) गुरु (heavy), स्निग्ध (oily)
वीर्य (Potency) उष्ण (hot)
विपाक(Post Digestion Effect) मधुर (sweet)
अन्य (Others)चक्षु, गर्भावस्थापोषक, बल्य
Ayurvedic properties of akhrot Herbal Arcade
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अखरोट के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Akhrot ke fayde or upyog)

आंखों की रोशनी बढ़ाने में अखरोट (Akhrot for eyes)

  • आजकल की जीवन शैली में आंखों की रोशनी कम होना एक आम बात हो गई है और इससे काफी लोग ग्रसित होते जा रहे हैं|आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए दो अक्रोट और 1 हरड़ की गुठली को जलाएं|जब इनकी भस्म बन जाए तो इसके साथ अल्प मात्रा में काली मिर्ची को पीसकर आंखों में लगाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है|

दांत दर्द में (Akhrot for teeth)

  • यदि आपके दांत कमजोर है तो अखरोट के छिलकों की भस्म तथा इसमें सेंधा नमक मिलाकर दांत साफ करने से दांत मजबूत रहते हैं|
  • दांतों के रोगों को दूर करने के लिए अक्रोट की छाल को चबाने से लाभ मिलता है|
  • यदि मसूड़ों में से रक्तस्राव होता हो तो अक्रोट की छाल, तुम्बुरु की छाल, बकुल की छाल तथा लता कस्तूरी बीज के चूर्ण को समान मात्रा में लेकर इनका अच्छे से चूर्ण कर ले| इसके बाद इसका लेप दातों की जड़ो तक लगाने के बाद 10:15 मिनट रखकर हल्के गुनगुने पानी से धो लें| इससे रक्त स्त्राव बंद हो जाता है|

कंठमाला में (Akhrot for goiter)

  • कंठमाला एक बहुत ही पीड़ादायक रोग होता है|इस रोग में गले में होने वाली गांठो का शमन करने के लिए अक्रोट की छाल और अखरोट के पत्तों को बराबर मात्रा में लेकर उनका काढ़ा बनाकर और उसी काढ़े से प्रभावित क्षेत्र को भी धोना चाहिए|
  • गले में जलन होने पर 8:00 से 10 ग्राम अक्रोट की गिरी का सेवन करने से लाभ मिलता है|

खांसी में (Akhrot for cough)

  • खांसी होने पर अक्रोट की गिरी को हल्का सा भून कर चबाने से खांसी समाप्त होती है|
  • छिलके वाली अक्रोट की भस्म बनाकर उसमें अल्प मात्रा में अकरकरा का रस और शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से खांसी में राहत मिलती है|

दस्त में (Akhrot for diarrhea)

  • अक्रोट की छाल और पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से दस्त से राहत मिलती है|

कब्ज़ में (Akhrot for constipation)

  • कब्ज में अक्रोट के तेल को दूध के साथ मिलाकर सुबह सुबह पीने से लाभ मिलता है|
  • अक्रोट फल के छिलकों का काढ़ा बनाकर पीने से भी कब्जे में राहत मिलती|

खूनी बवासीर में (Akhrot for piles)

  • खूनी बवासीर में अक्रोट की छाल की भस्म को सुबह-शाम छाछ के साथ पीने से इस रोग का नाश होता है|

प्रसूता के दूध में वृद्धि

  • प्रसूता के दूध में वृद्धि करने के लिए गेहूं की सूजी  तथा अक्रोट के पत्तों को पीसकर गाय के घी में पूरी बनाकर 7 दिन तक खाने से दूध में वृद्धि होती है|

वीर्य विकार में (Akhrot for semen disease)

  • अनियमित धातु स्त्राव या वीर्य स्त्राव को बंद करने के लिए अखरोट के छिलके की भस्म और बराबर मात्रा में खांड मिलाये तथा इसे 10 दिन तक सुबह सुबह जल के साथ लेना चाहिए|

त्वचा रोगों में (Akhrot for skin disease)

  • अखरोट के काढ़े से यदि घाव को धोया जाता है तो घाव जल्दी भर जाते हैं|
  • अखरोट की छाल और उसके पत्तों को पीसकर लगाने से क्षुद्र कुष्ठ में लाभ होता है|
  • इसके बीजो को पीस कर लगाने से सभी प्रकार के त्वचा रोगों का शमन होता है|

लकवे में (Akhrot for paralysis)

  • मुंह के लकवे में अखरोट के तेल की मालिश कर ऐसे औषधियों का प्रयोग करें जो वात का शमन करती हो और स्वेदन भी कराएँ|

सूजन में (Akhrot for swelling)

  • गोमूत्र में यदि अखरोट का तेल मिलाकर पिलाया जाता है तो शरीर में आने वाली किसी भी प्रकार की सूजन को खत्म किया जा सकता है|

अफीम के विष में अखरोट

  • अफीम के नशे को शांत करने के लिए अखरोट की गिरी खाने चाहिए|

मधुमेह में फायदेमंद (Akhrot for diabetes)

  • मधुमेह के रोगियों को रोज़ कम से कम 3 से 4 अखरोट का सेवन जरुर करना चाहिए| ऐसा करने से मधुमेह नियंत्रण में रहता है|
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हड्डियों को मजबूती दे (Akhrot for strong bones)

  • इसका सेवन करने से हमारी हड्डियों को ताकत मिलती है| एक उम्र के बाद व्यक्ति की हड्डियाँ कमजोर होने लगती है जिसके कारण हड्डी टूटना, हड्डियों में टेढ़ापन, आमवात, वातरक्त या गठिया के लक्षण शुरू होने लगते है| ऐसे में नियमित रूप से इसका सेवन करने से हड्डियों में मजबूती बनी रहती है|

हृदय को ताकत दे (Akhrot for heart)

  • अखरोट में पाए जाने वाले पोषक तत्व आपके ह्रदय को लगभग एक नया जीवन प्रदान कर पाने की क्षमता रखते है| यह आपकी हार्ट अटैक के साथ ही कई और रोगों से भी रक्षा करता है| इसी कारण जो अखरोट का सेवन करता है उन्हें ह्रदय रोग रोग होने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है|

गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद (Akhrot for pregnancy)

  • गर्भवती महिला और होने वाले शिशु के लिए अखरोट का सेवन काफी हद तक फायदेमंद साबित होता है| गर्भवती महिला बिना किसी हिचकिचाहट के इसका सेवन कर सकती है|

हैजा में होने वाली समस्या समाप्त करे अखरोट का प्रयोग

  • हैजा या विसूचिका के समय यदि पेट में दर्द , ऐंठन या शरीर में कम्पन महसूस हो तो इसके तेल की मालिश एक बहुत अच्छा उपाय रहता है|

पेचिश में अखरोट

  • पेचिश के रोगी को इसकी गिरी का सेवन करना चाहिए| इससे पेचिश में थोड़े ही समय में अंतर नजर आने लगता है|

प्रमेह का समापन करे अखरोट

  • एक साथ कूटी हुई अखरोट, छुहारे, बिनोले की मींगी को घी में थोड़ी सेक कर इसमें थोड़ी मिश्री मिला लें| इस मिश्रण को रोज सुबह लेने से प्रमेह में लाभ मिलता है|

मासिक धर्म की समस्याओं में (Akhrot for menstrual problem)

  • बिना छिले अखरोट को कूट कर उसका काढ़ा बना कर शहद मिला कर पीने से मासिक धर्म समय पर न आना जैसी समस्याएँ दूर होती है|

मिर्गी रोग में (Akhrot for epilepsy)

  • अखरोट की गिरी को निर्गुन्डी के रस में अच्छे से मिला कर आँखों में काजल की तरह तथा नाक में सुबह सुबह डालने से मिर्गी या अपस्मार का समापन होता है|
  • इसके अलावा अखरोट का सेवन मस्तिष्क को बल देता है और स्मरण सम्बन्धी समस्याएँ भी दूर करता है|

अनिद्रा में (Akhrot for insomnia)

  • अनिद्रा में अखरोट का सेवन काफी हद तक फायदेमंद सिद्ध होता है| इसका सेवन करने से तनाव से राहत मिलती है तथा नींद गहरी और अच्छी आती है|

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये (Akhrot for increase immunity)

  • इस दिव्य फल का सेवन रोगों से लड़ने की क्षमता को बढाता है| इसके साथ ही यह कैंसर जैसे रोगों से लड़ने के लिए ताकत भी प्रदान करता है|

वजन को नियंत्रित करें अखरोट

  • रोज सुबह भीगे हुए अखरोट का सेवन करने से वजन नियंत्रण में रहता है तथा इसके साथ ही भरपूर मात्रा में उर्जा और बल भी प्राप्त होता रहता है|

उपयोगी अंग (भाग) (important parts of Akhrot)

  • जड़
  • पत्ती
  • बीज
  • छाल
  • फल की गिरी
  • पंचांग
  • फल का तेल

सेवन मात्रा (Dosages of Akhrot)

  • क्वाथ – 45 ग्राम तक
  • गिरी – 15 से 20 ग्राम

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