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लौंग (Clove)

लौंग का परिचय: (Introduction of Laung)

Table of Contents

लौंग क्या है? (What is Laung)

आपको पता है ही होगा की लौंग का उपयोग हमारी भारतीय रसोई में किया जाता है| यह भोजन के स्वाद खुशबु को बढाता है| साथ ही यह आपकी सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी है| क्या आपको पता है की यह लोंग महिलाओ के गर्भावस्था में होने वाली उल्टी के लिए बहुत ही फायदेमंद है|

आयुर्वेद में इसको शरीर के लिए वरदान माना जाता है| यह किसी औषधि से कम नही है| इसके सेवन से आमाशय की रस की क्रिया को बल मिलता है| लौंग के सेवन से भूख बढ़ती है, उल्टी रुकती है, पेट की गैस,  अत्यधित प्यास लगने की समस्या और कफ पित्त दोष ठीक होते हैं| इसके साथ ही आप रक्त विकार, सांसों की बीमारी, हिचकी और टीबी रोग में भी लोंग का उपयोग कर लाभ पा सकते हैं|

लोंग को और भी कई नामों से जाना जाता है जिनके कई अर्थ होते है| उदाहरण के लिए देवकुसुम (देवताओं का फूलों में श्रेष्ठ), श्रीप्रसून (सुन्दर पुष्प वाला), वारिज (जल्वेष्टित द्वीपों में होने से) आदि| गुणकारी औषधि होने साथ यह रोगो के लिए रामबाण है| आइये इसके फायदों के बारे में जानते है कि इसका उपयोग किन किन रोगो में किया जाता है| 

बाह्य स्वरुप (आकृति विज्ञान) (Laung ki akriti)

भारत के केरल और तमिलनाडु में इसकी खेती की जाती है| भारतवर्ष में इसका अधिकांश आयतन सिंगापूर से किया जाता है| लोंग के पेड़ पर 9 वर्ष की आयु में फूल लगने शुरू हो जाते हैं| इसकी फूल कलियों को ही सुखाकर बाजार में लोंग के नाम से बेचते हैं| गर्भवती महिलाओं को होने वाली उल्टी में लोंग बहुत लाभदायक होती है|

  • लोंग के सेवन से भूख बढ़ती है| आमाशय की रस क्रिया सही रहती है|
  • भोजन के प्रति रुचि पैदा होती है और मन प्रसन्न होता है|
  • लोंग पेट के कीड़ों को खत्म करती है|
  • यह चेतना- शक्ति को सही रखती है|
  • यह शरीर की दुर्गन्ध को खत्म करती है|
  • दर्द, घाव पर लेप करने से रोग सही होते हैं|
  • लोंग मूत्र मार्ग को सही रखती है और पेशाब के रास्ते हानिकारक चीजों को बाहर निकालने में मदद करती है|

इसका पेड़ पिरामिड आकार का होता है| इसका तना सीधा, कठोर तथा चौड़ा होता है|  इसकी शाखाएं अनेक होती है| इसके तने की छाल पीले, धूसर रंग की तथा चिकनी होती है| इसके पत्ते विपरीत दिशा में फैले हुए, भालाकर व अंडाकार तथा नुकीले,  उपर  की और चिलने  होते है| इसके फूल की कलियाँ शाखाओ के अन्त में गुच्छे में लगे होते है| यह सुगन्धित, हल्के नील रंग के होते है| सुखी हुई फूल की कलियों को ही लोंग कहते है| लोंग लम्बे लाल तथा बादाम रंग का होता है| इसके फल मांसल, चिकने अंडाकार तथा गहरे गुलाबी व बैंगनी रंग के होते है| इसके बीज इसके बीज मुलायम लम्बे होते है| इसका फलकाल व फूलकाल जनवरी से से मई तक होता है|    

लौंग के सामान्य नाम Herbal Arcade
लौंग के सामान्य नाम Herbal Arcade

लौंग के पौषक तत्व (Laung ke poshak tatva)

  • प्रोटीन
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फाइबर
  • कैल्शियम
  • आयरन
  • मैग्नीशियम
  • फास्फोरस
  • पोटेशियम
  • सोडियम
  • जिंक
  • सेलेनियम
  • कॉपर
  • मैंगनीज
  • विटामिन-सी
  • थियामिन
  • राइबोफ्लेविन
  • नियासिन
  • विटामिन-बी
  • विटामिन ए
  • फोलेट

लौंग के सामान्य नाम (Laung common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Syzygium aromaticum
अंग्रेजी (English)Clove
हिंदी (Hindi)लोंग, लौंग, लवंग
संस्कृत (Sanskrit)लवङ्ग, देवकुसुम, श्रीप्रसून, श्रीसंज्ञ, श्रीप्रसूनक, वारिज
अन्य (Other)लवंग  (उर्दू) रूंग  (कन्नड़) लवींग  (गुजराती) करवप्पु  (तेलगु) किराम्पु (तमिल) लवंग (बंगाली) लवांग (नेपाली) लवंग (मराठी) लौंग  (मलयालम)
कुल (Family)Myrtaceae

लौंग के आयुर्वेदिक गुण धर्म (Laung ke Ayurvedic gun)

दोष (Dosha) कफपित्त शामक (pacifies cough and pitta)
रस (Taste) तिक्त (bitter), कटु (pungent)
गुण (Qualities) लघु (light), स्निग्ध (oily)
वीर्य (Potency) शीत (cold)
विपाक(Post Digestion Effect) कटु (pungent)
अन्य (Others) दीपन, पाचन, रुचिवर्धक, उत्तेजक, कृमिघ्न

लौंग के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Laung ke fayde or upyog)

सर्दी जुखाम में उपयोगी (Laung for cold and cough)

  • मौसम बदलने के कारण यदि आपको सर्दी जुखाम की परेशानी रहती है तो इससे छुटकारा पाने के लिए लौंग को अफीम के पानी के साथ पीसकर सिर पर लेप करने से सर्दी जुखाम में राहत मिलती है| 

अस्थमा में (Laung for asthma)

  • अस्थमा के कारण आजकल व्यक्ति बहुत ही परेशान रहते है| इस परेशानी से राहत पाने के लिए लौंग, आक के फूल और काला नमक को बराबर मात्रा में लें| इन्हें पीसकर चने के आकार की गोली बना लें| इसे मुंह में रखकर चूसने से दमा और श्वासनलिका के विकार ठीक होते हैं|

दांत दर्द में उपयोगी लौंग

  • दांतों की बीमारियों में भी लौंग काफी फायदेमंद है| लौंग के तेल को रूई के फाहे में लगाकर दांतों में लगाएं| इससे दांतों के दर्द से आराम मिलता है| इससे दांत में लगे कीड़े भी खत्म हो जाते हैं|

कफ को निकालने के लिए (Laung for cough)

  • यदि आप कफ से बहुत ही परेशान है तो लौंग के चूर्ण को पानी में उबालकर पिने से कफ बाहर निकल जाता है और परेशानी भी दूर हो जाती है|

सांस की दुर्गन्ध में लौंग

  • अगर आप सांस की दुर्गन्ध से बहुत ही परेशान है तो लौंग को मुंह में रखने से मुंह और सांस की दुर्गन्ध मिटती है|

आधासीसी में लौंग

आप लौंग के फायदे सिर दर्द की परेशानी में ले सकते हैं| अगर कोई आधासीसी से पीड़ित है या फिर अन्य प्रकार के सिर दर्द की समस्या से परेशान है तो लौंग का प्रयोग लाभ दिलाता है| इसके लिए लौंग को पानी में पीसकर सुखा लें| इसे थोड़ा गर्म कर लें| इसका कान के आस पास गाढ़ा लेप करने से सिर दर्द या आधासीसी की समस्या में लाभ होता है|

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए (Laung for immunity)

  • लोंग को प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बेहद असरदार माना गया है|  लौंग का सेवन सफेद रक्त कोशिकाओं  के निर्माण में सहायता करता है, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है| लौंग में विटामिन -सी पाया जाता है जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है|

पाचन की क्रिया में उपयोगी लौंग (Laung for digestion)

  • लौंग में मौजूद पाचक रस पाचन क्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं| लोंग में फाइबर की मात्रा भरपूर होती है| यह कब्ज, गैस और पेट से जुड़ीं कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है| इसके अलावा भुनी हुई लौंग के पाउडर को मधु के साथ मिलाकर सेवन करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है|

कब्ज को दूर करने के लिए (Laung for constipation)

  • यदि आपको कब्ज की समस्या है तो लौंग छोटी पिपली दोनों को लेकर चूर्ण बना ले| फिर इस चूर्ण को मधु के साथ सुबह शाम खाने से कब्ज से छुटकारा मिलता है|

मधुमेह में (Laung for diabetes)

  • आजकल के खान पान की वजह से व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाते है, और इससे बहुत ही परेशान रहते है| इस परेशानी से राहत पाने के लिए लौंग का सेवन करे| लौंग का सेवन मधुमेह में आपको फायदा दे सकता है क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है| 

बालो के लिए (Laung for hairs)

  • अधिकतर लोगों में बाल झड़ने और बालों के रुखेपन की शिकायत होती है| इसके लिए सबसे असरकारी उपाय है लौंग, इसके लिए लौंग को उबाल लें और फिर उस पानी से अपने बाल धोएं,  इससे आपके बालों में चमक आएगी और बाल मजबूत बनेंगे|

गठिया में लौंग

  • लौंग के फायदे आप गठिया जैसी बीमारी में भी ले सकते हैं| लौंग के तेल से गठिया में लाभ होता है| इसे गठिया वाले स्थान पर लगाएं| इससे लाभ मिलता है|

शारीरिक कमजोरी में

  • यदि आपको मौसम बदलने के कारण बुखार की समस्या रहती है तो लौंग और छोटी पिप्पली को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें| इस चूर्ण को लेकर मधु मिलाकर सुबह और शाम चाटने से बुखार और बुखार के कारण होने वाली शारीरिक कमजोरी में लाभ होता है|

कुक्कुर खांसी में

  • लौंग को आग पर भूनकर पीस लें| इसे शहद मिलाकर चाटने से कुक्कुर खांसी में लाभ होता है|

जी मचलने पर

  • जी मिचला रहा हो तो आप लौंग के फायदे लें| लौंग को पानी के साथ पीसकर थोड़ा गर्म कर लें| इसे थोड़ा- थोड़ा पिलाने से जी मिचलाने और अत्यधिक प्यास लगने की समस्या ठीक होती है|

अजीर्ण में

  • भोजन करने के पश्चात आपको अजीर्ण समस्या हो जाती है तो लौंग और हरड़ को मिलाकर काढ़ा बना लें| इसमें थोड़ा – सा सेंधा नमक डालकर पिलाने से अजीर्ण की समस्या ठीक होती है|

पेट के रोगो के लिए

  • यदि आप पेट के किसी भी रोग से परेशान है तो आप लौंग का उपयोग कीजिये इससे आपको बहुत ही फायेदा मिलता है|
  • लौंग शुंठी, मिर्च, पीपल, अजवायन, सेंधा नमक तथा मिश्री को महीन पीस लें| इन्हें चीनी मिट्टी के बरतन में रखें और इतना नींबू का रस डालें कि पूरा चूर्ण नींबू के रस से डूब जाए| इसे धूप में सुखा लें| इसे एक चम्मच भोजन के बाद सेवन करने से मुंह का स्वाद अच्छा हो जाता है| इससे बदहजमी व खट्टी डकार आने की समस्या ठीक हो जाती है|
  • जायफल, लौंग तथा जीरा को समान मात्रा में लें| इनका चूर्ण बना लें| इसे लेकर शहद और शक्कर के साथ सेवन करें| इससे पेट का दर्द ठीक होता है|
  • लौंग, सोंठ, तथा अजवायन व सेंधा नमक  का चूर्ण बना लें| इसे भोजन के बाद जल के साथ सेवन करें| इससे अपच और एसीडिटी की समस्या ठीक होती है|

वजन कम करने के लिए (Laung for weight loss)

  • वजन कम करने में लौंग भी मदद कर सकता है| पौष्टिक डाइट के साथ ही नियमित रूप से लौंग का सेवन वजन नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है| यदि आपका भी वजन बढ़ता ही जा रहा है तो इसे अपने डाइट में शामिल कर सकते है|

आँखों के लिए (Laung for eyes)

  • यदि किसी भी व्यक्ति को आँखों संबंधित कोई रोग है तो  लौंग को तांबे के बरतन में पीस लें| इसमें शहद मिलाकर आंखों में लगाने से आंखों के रोगों में लाभ मिलता है|

सूजन में

  • लौंग का तेल सूजन कम करने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटी- इंफ्लेमेटरी का गुण पाया जाता है जिससे सूजन को दूर किया जा सकता है|

गर्भकाल के दौरान उल्टी की  समस्या में

  • गर्भवती महिलाओं को उल्टी होना आम बात है। खास बात यह है कि इस दौरान लोंग खाने से उल्टी रोकने में बहुत फायदा मिलता है| इससे गर्भवती महिलाओं को बहुत आराम मिलता है| लोंग के चूर्ण को मिश्री की चाशनी और अनार के रस में मिलाकर चाटें| इससे गर्भवती महिलाओं को होने वाली उल्टी बंद हो जाती है|

मुहांसों के लिए

  • यदि आपको मुंहासो के कारण आपके चेहरे पर दाग – धब्बे हो गये हो तो इन से छुटकारा पाने के लिए लौंग को पीसकर इसके चूर्ण को बेसन के साथ पानी में घोलकर चेहरे पर लगाने से दाग धब्बो में कुछ हद तक लाभ होता है|

स्तम्भन के लिए

  • लोंग और जायफल को पीसकर नाभि पर लेप करने से स्त्री और पुरुष की स्तम्भन शक्ति बढती है|

उपयोगी अंग (भाग) (Important parts of Laung)

  • फूल की कलियाँ

सेवन मात्रा (Dosages of Laung)

  • चूर्ण – 1 से 2 ग्राम
  • तैल 1 से 3 बूंद  

लौंग से निर्मित औषधियां

  • लावंगादी चूर्ण
  • लावंगादी वटी
  • लावंगोदक

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