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छोटी इलायची (Choti Elaichi)

छोटी इलायची का परिचय: (Introduction of Choti Elaichi)

Table of Contents

छोटी इलायची क्या है? (Choti Elaichi kya hai?)

इस इलायची को हरी या असली इलायची भी कहा जाता है| बड़ी इलायची का मुख्य उपयोग व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने तथा औषधियों के रूप में होता है जबकि छोटी इलायची का प्रयोग मिठाइयों का स्वाद और खुशबू को बढ़ाने के साथ-साथ कई रोगों के शमन के लिए भी किया जाता है|हरी इलायची का उपयोग चाय में भी किया जाता है|

तो चलिए आइए जानते हैं कि किन किन रोगों में इलायची का उपयोग किस प्रकार से करना चाहिए जिससे बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के रोगों को समाप्त किया जा सकता है|

छोटी इलायची का प्रयोग बड़ी इलायची के बदले अधिक मात्रा में किया जाता है  या अधिक लोगों द्वारा किया जाता है|आज तक हम सभी इलायची का उपयोग केवल स्वाद को बढ़ाने के लिए ही करते आए हैं लेकिन क्या आपको पता है इलायची का उपयोग आयुर्वेद में काफी पहले कई रोगों के समापन के लिए किया जाता था और अभी भी किया जाता है|

बाह्य स्वरुप (आकृति विज्ञान) (Choti Elaichi ki akriti)

इसका पौधा सदाहरित होता है|यह लगभग अदरक के पौधे के समान होता है जिसकी ऊंचाई एक से 3 मीटर तक हो सकती है| इसकी उत्पत्ति नमी वाले स्थानों पर होती है|इसके फूलों का रंग सफेद होता है तथा उन पर नीले रंग की धारियां होती है|इसके फल हल्के हरे अथवा पीले रंग के तथा जिनमें महीन धारियां होती है तथा लम्बाई लगभग 13 एमएम होती |इन फलों को ही इलायची कहा जाता है| इलायची के बीज हल्के या गहरे लाल रंग के होते हैं अथवा कभी-कभी भूरे रंग के भी हो सकते हैं|अगस्त से फरवरी तक यह फलते फूलते हैं|

छोटी इलायची में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Choti Elaichi ke poshak tatv)

  • वाष्पशील  तेल
  • पोटेशियम लवण
  • स्टार्च
  • वसा
  • सोडियम
  • कार्बोहाइड्रेट
  • प्रोटीन
  • कोलेस्ट्रोल
  • कैल्शियम
  • मैग्नीशियम
  • आयरन
  • विटामिन ए, सी, बी, डी आदि|
छोटी इलायची के सामान्य नाम Herbal Arcade
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छोटी इलायची के सामान्य नाम (Choti Elaichi common names)

वानस्पतिक नाम (Botanical Name)Elettaria cardamomum
अंग्रेजी (English)Lesser cardamom
हिंदी (Hindi)छोटी इलायची, इलायची, चौहरा इलायची, सफ़ेद इलायची
संस्कृत (Sanskrit)चंद्रबाला, निष्कुटी, सूक्ष्मा, एला
अन्य (Other)इलायचीखुर्द (उर्दू) एलची कागदी (गुजराती) एला (उड़िया) छोटी इलायची (बंगाली)  
कुल (Family)Zingiberaceae

छोटी इलायची के आयुर्वेदिक गुणधर्म (Choti Elaichi ke ayurvedic gun)

दोष (Dosha) त्रिदोषहर (pacifies tridosha)
रस (Taste) कटु (pungent), मधुर (Sweet)
गुण (Qualities) लघु (light), रुक्ष (dry)
वीर्य (Potency) शीत (cold)
विपाक(Post Digestion Effect) मधुर (sweet)
अन्य (Others)मुखशोधन, दुर्गन्धनाशन, रेचन, दीपन,पाचन, अनुलोमन
Ayurvedic properties of choti Elaichi Herbal Arcade
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छोटी इलायची के औषधीय फायदे एवं उपयोग (Choti Elaichi ke fayde, upyog)

सिरदर्द का समापन करें छोटी इलायची (Choti Elaichi for head ache)

  • यदि आपको भी नियमित रूप से सिर दर्द बना रहता है तो छोटी इलायची की आधी मात्रा में बड़ी इलायची तथा बड़ी इलायची के बराबर मात्रा में कपूर को पीसकर माथे पर लेप करने से सिर दर्द का शमन होता है|

नेत्र विकारों में (Choti Elaichi for eyes)

  • छोटी इलायची का चूर्ण बनाकर उसमें बकरे के मूत्र की भावना देकर आंखों में काजल की तरह लगाना चाहिए|इससे सभी प्रकार के नेत्र रोगों का समापन होता है|
  • यदि आपकी आंखें कमजोर है तो रोजाना एक चम्मच शहद के साथ एक इलायची खानी चाहिए इससे आंखों की रोशनी तो बढ़ती ही है इसके अलावा यह तंत्रिका तंत्र को बल प्रदान करती है और मस्तिष्क को सुदृढ़ बनाती है|

मुख के रोगों में (Choti Elaichi for mouth)

  • दालचीनी, नागर मोथा, इलायची, धनिया इन सभी के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर इनकी वटी बना ले|इस वटी को मुख में चूसने या दातून को मंजन की तरह इस्तेमाल करने और इसका गोल बनाकर गरारा करने से मुख रोगों में लाभ मिलता है|

गला बैठने पर (Choti Elaichi for throat problem)

  • ग्रसनी में आने वाली सूजन या गले में होने वाली जलन तथा स्वरभंग जैसे रोगों  को समाप्त करने के लिए इलायची तथा दालचीनी का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए या गरारे करने चाहिए|

खांसी और अस्थमा में छोटी इलायची (Choti Elaichi for cough and asthma)

  • खांसी और अस्थमा में इलायची और काली मिर्च का समान मात्रा में क्वाथ बना कर इस क्वाथ में खांड मिला कर लेना चाहिए|
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ह्रदय रोगों में लाभदायक इलायची (Choti Elaichi for heart)

  • छोटी इलायची तथा पीपली मूल के चूर्ण को बराबर मात्रा में लेकर दोगुने घी में मिलाकर खाने से हृदय से जुड़े रोगों में लाभ होता है तथा इसके साथ ही गुल्म रोग में भी लाभ मिलता है|
  • हृदय से जुड़े रोग उच्च रक्तचाप और निम्न रक्तचाप में भी इसका उपयोग किया जाता है|

पेट से संबंधित समस्याओं में छोटी इलायची (Choti Elaichi for stomach)

  • मूत्र के वेग को रोकने के कारण उत्पन्न होने वाले पेट की समस्याओं के लिए इलायची के चूर्ण को कांजी के साथ पीने से लाभ होता है|

उल्टी या वमन में (Choti Elaichi for vomat)

  • इलायची के चूर्ण में शहद तथा मिश्री को मिलाकर देने से वमन की समाप्ति होती है|

दस्त में (Choti Elaichi for diarrhea)

  • इलायची के क्वाथ का सेवन दिन में दो बार सुबह शाम करने से अतिसार की समाप्ति होती है|

पित्त की समस्याओं में

  • यदि शरीर में पित्त की वृद्धि हो जाए तो जीरा बीज के साथ में इलायची के बीजों का चूर्ण बनाकर पीना चाहिए इससे पित्त की वृद्धि कम होती है तथा पित्त से उत्पन्न होने वाले रोगों में भी लाभ मिलता है|

कब्ज़ में छोटी इलायची (Choti Elaichi for constipation)

  • सोने के पहले एक पके हुए केले तथा इलायची का सेवन करने से कब्ज तथा उल्टी में खून आना आदि समस्याएं खत्म होती है|

मूत्र रोगों में (Choti Elaichi for urinary problems)

  • छोटी इलायची के बीज तथा आमलकी स्वरस को मिलाकर पिलाने से मूत्र के समय आने वाली कठिनाई में लाभ होता है|
  • इलायची के चूर्ण को गोमूत्र के साथ लेने से कफ दोष के कारण उत्पन्न मूत्रकृच्छ में लाभ मिलता है|

नपुसंकता की स्थिति में छोटी इलायची

  • नपुसंकता के साथ-साथ शीघ्रपतन रोग का समापन करने के लिए इलायची के बीजों के चूर्ण को दूध में उबालकर शहद के साथ मिलाकर रोजाना सोने से पहले लेना चाहिए|इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए नहीं तो दुष्परिणाम आ सकते हैं|

त्वचा संबंधित रोगों में (Choti Elaichi for skin)

  • थोड़ी मात्रा में यदि त्वचा से रक्त का स्त्राव हो रहा हो तो इलायची कूट कर इनका चूर्ण बनाकर चूर्ण में नमक और तेल मिलाकर घाव पर लगा देना चाहिए|

मिर्गी या अपस्मार  में (Choti Elaichi for epilepsy)

  • छोटी इलायची के बीजों के चूर्ण को सोने से पहले सूंघने से मिर्गी, डिप्रेशन और स्मृतिहास जैसे रोगों में लाभ होता है|

मधुमेह में (Choti Elaichi for diabetes)

  • आज के दौर में यह एक आम समस्या बन चुकी है|मधुमेह या डायबिटीज के रोग में इलायची का सेवन करने से राहत मिलती है|

रक्त प्रवाह को सही करें छोटी इलायची

  • इलायची का सेवन करने से शरीर में रक्त तो बढ़ता ही है इसके साथ इलायची का सेवन रक्त प्रवाह को भी नियंत्रित करती है|

भूख बढ़ाए छोटी इलायची

  • इलायची के बीजों के चूर्ण का सेवन मिश्री या शहद के साथ करने से भूख बढ़ती है तथा व्यक्ति भी हष्ट पुष्ट होता है|

रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाएं (Elaichi for immune system)

  • नियमित रूप से यदि इलायची का सेवन किया जाता है तो यह शरीर से सारे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है|

खून की कमी पूरा करें छोटी इलायची (Choti Elaichi for anemia)

  • इस औषधि में पाए जाने वाले पोषक तत्व लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ाते है और उन्हें फिर से नया कर देते है इसी कारण इसका सेवन करने से खून की कमी पूरी हो जाती है|

उपयोगी अंग (भाग)  (Important parts of Choti Elaichi)

  • बीज

सेवन मात्रा (Dosages of Choti Elaichi)

  • चूर्ण – एक ग्राम तक

सावधानियाँ- (Precautions of Choti Elaichi)

  • पित्त से जुड़ी पथरी में इसका सेवन करने से पहले किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह जरुर लेनी चाहिए|

छोटी इलायची से निर्मित औषधियां

  • एलादि चूर्ण
  • एलादि क्वाथ
  • एलाध्यारिष्ट
  • एलादिगुटिका
  • एलाध्यमोदक

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