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औषधी दर्शन

चन्द्रप्रभा वटी: फायदें, सेवन Chandraprabha vati: Benefits

चन्द्रप्रभा वटी का परिचय Chandraprabha vati ka parichay

Table of Contents

क्या होती है चन्द्रप्रभा वटी?? Chandraprabha vati kya hai??

यह वटी एक ऐसी औषधिहै, जिसके काफी उपयोगी फायदे हैं। चन्द्रप्रभा यानी कि चांद जैसी चमक, चन्द्रप्रभा वटी अपने नाम के जैसे असरदार भी है।चन्द्रप्रभा वटी स्मरण शक्ति बढ़ाने में काफी उपयोगी है और इसी प्रकार गुर्दे की बीमारी, शरीर की पूर्ति में कमी होना, जोड़ों के दर्द, घुटनों में दर्द और पैरों में सूजन, हार्मोन लेवल का असंतुलन होना इत्यादि से राहत दिला दी है।इसके उपयोग से हमारे शरीर की चमक यानी कि जैसे एक शरीर का लेबल होना चाहिए उसी प्रकार संतुलन बना देती है।

उपयोगी घटक चन्द्रप्रभा वटी के : Chandraprabha vati ke ghatak

  1. (कपूर) चन्द्रप्रभा
  2. वचा
  3. मुस्ता
  4. भूनिम्ब
  5. गुडूची
  6. देवदारु
  7. हरिद्रा
  8. अतिविषा
  9. दारूहरिद्रा
  10. पिप्पलीमूल
  11. चित्रक
  12. धान्यक
  13. हरीतकी
  14. विभितकी
  15. आमलकी
  16. चव्य
  17. विडंग
  18. गज्जपिप्पली
  19. त्रिकटु
  20. माक्षिक भस्म
  21. सज्जीक्षार
  22. यवक्षार
  23. सैन्धव लवण
  24. विडलवण
  25. सौवर्चलवण
  26. त्रिवृत
  27. दंती
  28. पत्रक
  29. त्वक
  30. इलायची
  31. वंशलोचन
  32. लौहभस्म
  33. शर्करा
  34. शिलाजीत
  35. गुग्गुलु
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चंद्रप्रभा वटी के फायदे से अछूते रह जाना:-

इसके के उपयोग से कहीं ऐसे फायदे हो सकते हैं,जो कई लोगों को पता नहीं है जिसको इसकी आवश्यकता है,क्योंकि यातो उन्हें अपनी बीमारी का समय पर पता नहीं चलता है या फिर वह लोग प्राथमिक उपचार (घर पर होने वाले उपचार)की अनियमितता को प्राथमिकता ज्यादा देते हैं और उसी से संतुष्ट हो जाते हैं।प्राथमिक उपचार अच्छा तरीका है लेकिन वो केवल कुछ समय तक हमारे दर्द को कम कर सकता है पूर्णतः समाप्त नहीं करता है। इसीलिए अगर हम प्राथमिक उपचार भी करते है फिर भी बीमारी को पूर्णतः मिटाने के लिए एक उचित इलाज होना चाहिए।

चंद्रप्रभा वटी से होने वाले निम्न फायदे हैं- Chandraprabha vati ke fayde

स्मरण शक्तिमें उपयोगी:-

आजकल हम देखते हैं कि लोगों के भूलने की आदत कुछ बढ़ती जा रही है, लोग भूलते ज्यादा है।सबसे बड़ी समस्या यह है आजकल के जो युवा हैं या फिर बच्चे हैं| उनमें स्मरण शक्ति की कमी कुछ ज्यादा है। चन्द्रप्रभा वटी के उपयोगी घटक जो की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिएअसरदार है।इसकी सहायता से स्मरण शक्ति की कमी दूर हो जाती है और साथ ही छोटे बच्चों के लिए भी उपयोगी है जो उनकी स्मरण शक्ति बढ़ाती है जिससे उनमें भूलने की आदत पैदा नहीं होती है।

चन्द्रप्रभा वटी शरीर की स्फूर्ति के लिए उपयोगी

चन्द्रप्रभा वटी की सहायता से हम शरीर की स्फूर्ति को बरकरार रख सकते हैं।आजकल की कार्यशैली काफी तेज हो चुकी है जिसकी वजह से मशीनों का आविष्कार हो रहा है।इसकी वजह से हमारी शारीरिक गतिविधि नियमित नही हो पा रही है।और जब हमें शारीरिक कार्य करने कि आवश्यकता होती है तब हम जल्दी थक जाते हैं।और उस थकान की वजह से हम ज्यादा काम नहीं कर पाते है।

अगर हम चन्द्रप्रभा वटी का नियमित उपयोग करते हैं तो उसकी सहायता से हमें शरीर में स्फूर्ति को बरकरार रखने का लाभ मिलता है।इसमें उपस्थित घटक हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।चाहे आप शारीरिक कार्य रोज करते हो या फिर कभी-कभी करते हो,चंद्रप्रभा वटी मेंउपस्थित घटक आपके लिए लाभकारी होंगे।

तनाव से छुटकारा

चन्द्रप्रभा वटी ना केवल शारीरिक थकान को दूर करती है बल्कि मानसिक थकान को भी दूर करती है।मानसिक थकान जिसे हम सरल रूप में तनाव के नाम से जानते हैं, जिसका कारण किसी चीज के बारे में अधिक सोचना, उसके बारे में चिंतित होना, नींद ना आना, हताश हो जाना इत्यादि लक्षण हो सकते हैं।

इन्हीं कारणों से मानसिक तनाव बढ़ता है और उसका असर दिखता तो नहीं है लेकिन वह हमारे शरीर को भी तनाव ग्रस्त कर देती है।इसीलिए चंद्रप्रभा वटी के उपयोग से हम पूर्णतः तनाव रहित हो सकते हैं।

जोड़ों में दर्द:

जोड़ों में दर्द होना यह आजकल की आम समस्या है, उसके कई कारण हो सकते हैं जैसे कि चोट लगना, किसी बीमारी से संक्रमित हो ना,जोड़ों के आसपास यह करीब गांठ बनना इत्यादि।इन सभी के निवारण के लिए चन्द्रप्रभा वटी हमारे लिए लाभदायक होती है क्योंकि इसमें उपस्थित तत्व जोड़ों में उपस्थित सूजन, गांठ, दर्दको दूर करने में कारगर साबित होती है।

और अगर कोई व्यक्ति बुढ़ापे की ओर अग्रसर है तो उसके जोड़ों में दर्द होना इसके लिए भी चंद्रप्रभा वटी उपयोगी है, इसके उपयोग से जोड़ों के दर्द से रहित और हम लाभान्वित हो पाते हैं।

गर्भाशय के ठहराव और उसके आकार में संतुलन के लिए

चन्द्रप्रभा वटी महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है क्योंकि समय के अनुसार महिलाओं में कुछ शारीरिक बदलाव होते हैं।जिसके कारण अगर महिलाएं उनका नियमित ध्यान नहीं रखती है तो उसके कारण समस्या उत्पन्न हो जाती है और कुछ समस्याएं ऐसी होती है जिसका होना निश्चित होता है,जैसे पीरियड्स के समय ज्यादा रक्त का बहना।इसके कारण उनके गर्भाशय के आकार में असंतुलन आ जाता है यानी कि उसका आकार बढ़ जाता है।

इस हालत में महिलाएं ज्यादा परेशान हो जाती है, अगर उन्हें यह पता हो कि चंद्रप्रभा वटी की सहायता से उन्हें इस समस्या से आराम मिल सकता है तो उनके लिए यह फायदेमंद रहेगा,चंद्रप्रभा वटी गर्भाशय के आकार को सामान्य रूप प्रदान करती है जो कि निश्चित होता है।और कभी-कभी महिलाओं के साथ इस प्रकार की घटना होती है कि उन्हें गर्भपात की समस्या का सामना करना पड़ता है।क्योंकि कुछ कारणों से गर्भ कमजोर हो जाता है लेकिन अगर महिलाएं अश्वगंधा चूर्ण के साथ चंद्रप्रभा वटी का उपयोग करती है तो उन्हें इससे छुटकारा और समस्या से आराम मिल सकता है।

चंद्रप्रभा वटी के फायदे herbal arcade
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पेशाब का रुक-रुक कर आना:-

इस प्रकार की समस्या ज्यादातर पुरुषों में होती है, और इसका मुख्य कारण होता, पहला कारण “जब हम कोई ऑफिशियल वर्क कर रहे होते हैं या फिर कोई काम कर रहे होते हैं, हम उस काम को बीच में नहीं छोड़ना चाहते हैं लेकिन जब उस समय पेशाब आ रहा होता है तो हम उसे रोकने का प्रयास करते हैं”, दूसरा कारण “जब हम रात को सोते हैं उसमें अगर हमें पेशाब आ रहा होता है तो वह हम अंधेरे के डर से पेशाब को रोके रखते हैं और हम सोचते हैं कि हम सुबह उठकर कर लेंगे” इस प्रकार अगर हम नजरअंदाज करते रहते हैं तो इस प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है।और इस समस्या से छुटकारा पाना है तो चंद्रप्रभा के इस्तेमाल से हम पा सकते हैं।

और भी इसके कई फायदे हैं जैसे कि गुर्दे में पथरी, मथुरा से संक्रमण, उच्च रक्तचाप,मूत्र में शर्करा (ग्लाइकोसुरिया), मधुमेह, स्वप्नदोष इत्यादि।इन सभी के लिए केवल हम चंद्रप्रभा वटी से इनका निवारण कर सकते हैं।चंद्रप्रभा वटी में उपस्थित तत्व जो कि इन सभी कारणों के लिए अंत है।चंद्रप्रभा वटी के नियमित उपयोग सही और उसके सही खुराक (डोज)से इन सभी बीमारियों का पूर्णतः निवारण हो जाता है।

चन्द्रप्रभा वटी बार-बार पेशाब आने में

बार-बार पेशाब आना एक कुछ बड़ी समस्या नहीं है लेकिन उसके बारे में मालूम नहीं होना एक बड़ी समस्या हो सकती है इसका एक मुख्य कारण होता है जो कि प्रोटेस्ट ग्रंथि में असंतुलन है।और हम सभी को यह ज्ञात है कि जो प्रोटेस्ट ग्रंथि होती है केवल पुरुषों में ही उपस्थित होती है और इसका असंतुलन होना ही बार-बार पेशाब आने की एकसमस्या है।प्रोटेस्ट ग्रंथि के आकार को संतुलित करने के लिए चन्द्रप्रभा वटी काफी उपयोगी साबित होती है।इसमें उपस्थित घटक प्रोटेस्ट ग्रंथि के आकार को संतुलित बनाती है।और इस समस्या से पार पाने के लिए मदद करती है।

पुरुष के शारीरिक संतुलन को बनाए रखने में सहायक

यह गंभीर समस्या तब बन जाती है जब कोई व्यक्ति इस समस्या से गुजर रहा होता है और उसके बारे में बताने से कतराता है।पुरुष के प्रजनन अंगों में असंतुलन या उनसे संबंधित समस्याएं पुरुष के शारीरिक कमजोरी का कारण होता है।अगर इस समस्या से आराम पाना है उसका निवारण करना है तो अश्वगंधा चूर्ण और कौंच पाक को चंद्रप्रभा वटी के साथ सेवन करते हैं तो उसकी सहायता से मानव में शुक्राणु की संख्या बढ़ती है और इससे पुरुष की सर्वाधिक कमजोरी का कारण दूर हो जाता है।

चन्द्रप्रभा वटी पेट का भारी लगने में (Bloating):

जब हम खाना खाते हैं उसके पश्चात पानी पीने के बाद हमें लगता है पेट थोड़ा भारी सा हो गया है, जी हां यहसामान्यतः होता है।इसके कारण नाही ढंग से सो पाते हैं और ना ही ढंग से चल पाते हैं।इसका मुख्य कारण यही होता है कि हम खाना तो खा लेते हैं लेकिन उसका डाइजेशन पूरा ढंग से नहीं होता है।अगर इसका जल्दी से इलाज नहीं किया जाए तो एक रोजमर्रा की जिंदगी सा बन जाती है।

लेकिन फिर भी हम चन्द्रप्रभा के उपयोग से इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।चंद्रप्रभा में उपयोगी घटक पेट के भारीपन को दूर कर देता है जो कि केवल खाना खाने के पश्चात ही होता है।इसका यही लक्षण है कि पूरे दिन तो हम एकदम स्वस्थ, ठीक रहते हैं लेकिन जब हम खाना खाते हैं तो उसके पश्चात हमारे 1 से 2 घंटे इस समस्या में चले जाते हैं मतलब यही कि हम समस्या से परेशान होते रहते हैं।

चन्द्रप्रभा वटी पाण्डु में (खून की कमी आना और दूषित होना):

पांडु रोग खून की कमी आना या फिर खून का दूषित होना, अगर बड़े रूप से देखा जाए तो खून के दूषित होने के अन्य कारण हो सकते हैं- शराब का सेवन करना,मिट्टी खाना, ज्यादा नमक खाने से और खटाई खाने से इत्यादि कारण हैं।यही कुछ ऐसे कारण हैं जिसके कारण से खून दूषित हो जाता है और दूषित होने के कारण खून में कमी आ जाती है।

इसका लक्षण यही देखने को मिलता है कि जो हमारे शरीर की चमड़ी है वह धीरे-धीरे पीली पड़ने लगती है उसको हम पीलिया बोलते हैं।लेकिन अगर चंद्रप्रभा का इस्तेमाल निरंतर और व्यवस्थित रूप से किया जाए तो इस रोग या बीमारी से भी छुटकारा मिल सकता है क्योंकि चंद्रप्रभा में उपस्थित जो घटक हैं वह इनका पूर्णतः नाश कर देते हैं।

तेज पेट दर्द होना (Abdominal Pain):-

पेट दर्द से संबंधित समस्या गंभीर हो जाती है तो तेज पेट दर्द होता है, इसके कारण से कोई भी व्यक्ति परेशान हो जाता है।चंद्रप्रभा की इसकी सहायता से कोई भी पुराना या काफी समय से चल रहा दर्द वह आसानी से खत्म हो जाता है अगर इसका नियमित उपयोग किया जाए।

चन्द्रप्रभा वटी की खुराक: Chandraprabha vati ki khurak

इसमें उपस्थित सभी तत्व हर व्यक्ति, बच्चा, बूढ़े,महिलाओं को लाभान्वित करती है।इसकी खुराक लेने के लिए कुछ सावधानी रखनी होती है जैसे कि-

बच्चे के लिए खुराक:- एक गोली प्रतिदिन
वयस्क के लिए खुराक:- 2-3 गोली प्रतिदिन सुबह और शाम

अगर किसी व्यक्ति को मूत्र, गर्भाशयऔर प्रजनन अंगों से संबंधित कोई बीमारी है तो
खाना खाने से आधे घंटे पहले खुराक लेनी होती है
और बाकी सभी व्यक्तियों को
खाना खाने के आधे घंटे बाद खुराक लेनी होती है

चंद्रप्रभा वटी को लेते समय आप गुनगुने पानी या दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं।

चन्द्रप्रभा वटी के नुकसान:- Chandraprabha vati ke nuksaan

वैसे किसी भी औषधि का साइड इफेक्ट नहीं होता है और उससे कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन कुछ स्थिति ऐसी होती है जिसमें उन चीजों का ध्यान रखना होता है जैसे कि- चंद्रप्रभा वटी में लोहे (Iron) की मात्रा अधिक होती है।इसके लिए उन व्यक्तियों को ध्यान रखना चाहिए जिनको थैलेसीमिया, अल्सर जैसी बीमारियां होती है या फिर उस से गुजर रहे होते हैं।इसके अलावा चंद्रप्रभा वटी के कोई नुकसान नहीं है।

चन्द्रप्रभा वटी की उपलब्धता: Chandraprabha vati ki uplabdhta

  1. झंडू चन्द्रप्रभा वटी
  2. बैधनाथ चन्द्रप्रभा वटी
  3. दिव्य चन्द्रप्रभा वटी
  4. डाबर चन्द्रप्रभा वटी
  5. धूतपापेशवर चन्द्रप्रभा वटी
  6. स्वदेशी चन्द्रप्रभा वटी

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