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औषधी दर्शन

प्रभाकर वटी: फायदे, सेवन PRABHAKAR VATI: Benefits

प्रभाकर वटी का परिचय PRABHAKAR VATI ka parichay

Table of Contents

क्या होती हैं प्रभाकर वटी ?? Prabhakar vati kya hai?

प्रभाकर वटी लीवर और ह्रदय से जुडे हुए रोगों को खत्म करने की एक उत्तम औषधि हैं| इस औषधि का प्रयोग ह्रदय की धडकनों की अनियमितता, उच्च रक्तचाप, सीने में दर्द जैसी समस्याओं का सामधान करता हैं |और ह्रदय रोगों की गंभीरता से बचाता हैं|

सांस लेने में परेशानी, थोडा सा काम करने पर भी सांस फूलना, अनिद्रा, शारीरिक कमजोरी, शरीर में रक्त की कमी, पीलिया, कफ वाली खांसी, शरीर में सूजन, गुर्दों की खराबी, मंद पाचक अग्नि, संक्रामक रोग जैसे अनेक रोगों में प्रभाकर वटी फायदेमंद होती हैं|

प्रदूषित वातावरण में यह सब बीमारियाँ एक आम बात हैं परन्तु बिना किसी दुष्प्रभाव के इन सब बिमारियों से निपटना एक ख़ास बात हैं इसलिए प्रभाकर वटी इतनी विशेष होती हैं|

सभी व्यक्ति इस औषधि का सेवन कर सकते हैं| चाहे वह महिला हो या पुरुष और चाहे बच्चे हो या बुजुर्ग|

प्रभाकर वटी के घटक द्रव्य Prabhakar vati ke ghatak

  1. स्वर्णमाक्षिक भस्म
  2. लौह भस्म
  3. अभ्रक भस्म
  4. वंशलोचन का चूर्ण
  5. शुद्ध शिलाजीत
  6. अर्जुन के पेड़ की छाल
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प्रभाकर वटी को बनाने की विधि Prabhakar vati banane ki vidhi

इस औषधि को बनाने के लिए स्वर्णमाक्षिक भस्म, लौह भस्म, अभ्रक भस्म, वंशलोचन का चूर्ण, शिलाजीत इन सबको उचित मात्रा में मिला कर

अर्जुन के पेड़ की छाल के क्वाथ में 3 दिन तक खरल करके 2-2 रत्ती (121 मिलीग्राम) की गोलियां बना लें|

प्रभाकर वटी के फायदें Prabhakar vati ke fayde

ह्रदय रोगों में लाभदायक for heart disease

इस वटी के प्रयोग से ह्रदय से जुडी हुई सारी परेशानियाँ समाप्त की जा सकती हैं| इस वटी में अर्जुन के पेड़ की छाल होती हैं जो ह्रदय के लिए बहुत ही फायदेमंद होती हैं|

उच्च रक्तचाप, धडकनों का अनियमित रूप से धड़कना, सीने में दर्द, सीने में जलन जैसी समस्याओं का समाधान इस वटी के निश्चित मात्रा में नियमित उपयोग से किया जा सकता हैं | अर्जुन के पेड़ की छाल होने से यह वटी ह्रदय को बल भी प्रदान करती हैं| इस वटी के प्रयोग से हार्ट अटैक या ह्रदय घात जैसी गंभीर समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता हैं|

ह्रदय रोगों में: अभयारिष्ट

लीवर रोग को समाप्त करें in liver disease

लीवर भोजन पचाने और शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने का जरुरी काम करता हैं| लीवर की बीमारी कई प्रकार की होती हैं जैसे फैटी लीवर, पीलिया, सिरोसिस, लीवर केंसर और हेपेटाइटिस जैसी समस्याओं का सही समय पर इलाज़ ना कराने पर ये बीमारियाँ जानलेवा भी बन सकती हैं|

प्रभाकर वटी लीवर से जुडी हुई हर समस्या का समाधान कर के व्यक्ति को नया जीवन प्रदान करती हैं| यह वटी लीवर को मजबूत बनाने का कार्य भी बहुत ही अच्छी तरह से पूरा करती हैं| लीवर की समस्या से जुड़े हुए किसी भी व्यक्ति को प्रभाकर वटी का सेवन करना चाहिए|

प्रभाकर वटी के फायदें herbal arcade
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सांस की समस्या में फायदेमंद in asthma

कई बार व्यक्ति किसी भी छोटे से काम को करने के बाद हांफने लगता हैं या उसकी सांस फूलने लगती हैं| यह समस्या आगे चलकर सांस से जुडी हुई कोई बड़ी समस्या बन सकती हैं| सांस लेने में दिक्कत आना, जल्दी सांस फूलना जैसी परेशानियों को दूर करने के लिए प्रभाकर वटी का प्रयोग किया जाता हैं| इस वटी के औषधीय गुण सांस की समस्या को हल करने में मदद करते हैं और मनुष्य को इन परेशानियों से छुटकारा दिलातें हैं|

खांसी को दूर करें for cough

प्रभाकर वटी खांसी को दूर करने में सहायता करती हैं| यह वटी मुख्य रूप से कफ वाली खांसी में फायदेमंद होती हैं| इसका उपयोग करने से शरीर में कफ का संतुलन बना रहता हैं और कफयुक्त खांसी समाप्त हो जाती हैं|

शारीरिक सूजन मिटायें for inflammation

शरीर में सूजन गुर्दों की खराबी के कारण हो या अन्य किसी कारण से, प्रभाकर वटी का उपयोग करने से शरीर में किसी भी कारण आई सूजन को आसानी से और बिना किसी दुष्प्रभाव के दूर किया जाता है|

शरीर में सूजन के लगातार बने रहने पर यह शारीरिक दर्द का कारण बन सकती हैं| कई बार सूजन अपने आप ही सही हो जाती हैं लेकिन ज्यादा समय तक इसके बने रहने से कई परेशानियां आ सकती हैं| इन सारी परेशानियों से बचने या निकलने के लिए प्रभाकर वटी का प्रयोग बहुत ही उपयुक्त रहता हैं|

गुर्दों की खराबी में लाभदायक for kidney disease

यदि आपके गुर्दें किसी कारण ख़राब हो गये हैं और आपने कई तरह के इलाज़ ले लिए हैं, लेकिन फिर भी किसी भी तरह की राहत यदि आपको नही मिल रही हैं तो प्रभाकर वटी का सेवन करने से गुर्दों से जुडी हुई सारी समस्याएँ दूर की जा सकती हैं|

गुर्दें मानव का एक अंग होतें हैं जिनका मुख्य कार्य मूत्र उत्पादन करना और रक्त शोधन करना होता हैं| यदि गुर्दें में खराबी आई तो मूत्र और रक्त से जुडी हुई परेशानियों का आना निश्चित हैं| प्रभाकर वटी गुर्दें की समस्या का समाधान करने का अचूक उपाय होता हैं|

मंद पाचक अग्नि को बढ़ाएं for strong digestion

यदि किसी व्यक्ति को अपच, गैस या कब्ज़ जैसी समस्या नियमित रूप से आ रही हो तो हो सकता हैं की उसकी पाचक अग्नि मंद पड़ गयी हो| पाचक अग्नि के मंद पड़ जाने से भोजन सही प्रकार से नही पचता हैं जिससे अपच, गैस और कब्ज़ जैसी समस्या का सामना करना पड़ता हैं| प्रभाकर वटी का सेवन करने से यह मंद पड़ी पाचक अग्नि को तीव्र करता हैं जिस कारण भोजन का पाचन आसानी से और जल्दी होता हैं और व्यक्ति को भूख भी जल्दी और उचित मात्रा में लगती हैं|

संक्रामक रोग को जड़ से खत्म करें for decrease infection

कई बच्चे, बूढ़े और जवान व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती हैं| रोग प्रति रोधक क्षमता कम होने के कारण कमजोर व्यक्ति आये दिन किसी ना किसी संक्रमण से ग्रसित हो जातें हैं| कभी कभी होने वाले जुखाम, बुखार, खांसी अब नियमित रूप से व्यक्ति को घेरे रखतें हैं| ऐसे में प्रभाकर वटी का सेवन करने से संक्रमण दूर होता हैं और व्यक्ति भी इनसे दूर रहता हैं| संक्रामक रोग में विषम ज्वर में भी यह वटी काफी फायदेमंद साबित हुई हैं|

अनिद्रा की समस्या का समाधान

तनाव होने के कारण या अन्य कारणों से व्यक्ति को सही समय पर सही नींद ना लेने की समस्या बनी रहती हैं| इस समस्या से निकलने के लिए व्यक्ति नींद की गोलियां लेना शुरू कर देता हैं| यह नींद की गोलियां लेने से व्यक्ति के शरीर में कई ऐसे नुकसान होना शुरू हो जाते हैं जिसे बारे में व्यक्ति को पता तक नही होता|

इन नुकसानों के चलते फिर शरीर में कई बीमारियाँ जन्म ले लेंती हैं| अनिद्रा की स्थिति में प्रभाकर वटी उपयुक्त रहती हैं| इसका सेवन करने से व्यक्ति को सही समय पर सही नींद मिलने के साथ साथ किसी तरह का नुक्सान भी नही होता|

शारीरिक कमजोरी को समाप्त करें for weakness

जब व्यक्ति कमजोर होता हैं तो उसकी दिनचर्या में चक्कर आना, निराशा, अरुचि, जल्दी थकान होना जैसी समस्या आती हैं| प्रभाकर वटी का प्रयोग करने से शारीरिक कमजोरी को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता हैं| शारीरिक कमजोरी मनुष्य को दुर्बलता प्रदान करती हैं और प्रभाकर वटी व्यक्ति को शक्ति प्रदान करती हैं|

फेफड़ों को मजबूत बनायें for strong lungs

अधिक धुम्रपान या अधिक शराब का सेवन हमारे फेफड़ों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होता हैं| यदि आपके फेफड़ें किसी भी कारण कमजोर हो चुके हैं तो इसके लिए प्रभाकर वटी एक उपयुक्त औषधि साबित होती हैं| इस वटी का सेवन करने से फेफड़ों को मजबूती मिलती हैं और फेफड़ों से जुडी समस्याएँ खत्म होती हैं|

रक्त की कमी को पूरा करें for anemia

जब शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर गिर जाता हैं तो रक्त की कमी हो जाती हैं| यह रक्त की कमी ज्यादा खून बह जाने के कारण भी हो सकती हैं|

शरीर में रक्त की कमी हो जाने पर थकान, कमजोरी महसूस होती हैं| रक्त की कमी को पूरा करने के लिए प्रभाकर वटी का प्रयोग करना चाहिएं| इस वटी में उपस्थित औषधीय गुण रक्त में हिमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाते हैं और रक्त की कमी को पूरा करने में सहायता करते हैं|

प्रकुपित वात और पित्त दोष का निवारण

इस वटी का सेवन वात रोग और पित्त रोग से छुटकारा दिलाता हैं| जब व्यक्ति के शरीर में पित्त का संतुलन ख़राब होता हैं तो पाचक सम्बंधित समस्या आती हैं और यदि वात दोष के संतुलन में कोई गड़बड़ी होती तो शरीर की गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं|

इन दोषों का संतुलन करने के लिए प्रभाकर वटी एक बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि होती हैं| इन दोषों के प्रकुपित होने पर प्रभाकर वटी सेवन किया जाना चाहिए|

प्रभाकर वटी की सेवन मात्रा और विधि Prabhakar vati ki sevan vidhi

  • 1-1 गोली सुबह और शाम भोजन के बाद लेनी चाहिए|
  • इस वटी का सेवन शहद के साथ किया जा सकता हैं|
  • शहद के आलावा भी इसका सेवन अर्जुन की छाल के क्वाथ के साथ भी किया जा सकता हैं|
  • आंवला चूर्ण और मिश्री चूर्ण के साथ भी इस वटी का सेवन किया जा सकता हैं|
  • वटी के सेवन के बाद ऊपर से गाय के दूध का सेवन करना चाहिए|

प्रभाकर वटी का सेवन करते समय रखी जाने वाली सावधानियाँ Prabhakar vati ke sevan ki savdhaniya

  1. गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इस वटी का सेवन करने से पूर्व चिकित्सक की सलाह जरुर लें|
  2. जीर्ण रोगी को भी इस वटी का सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए|
  3. अलग अलग रोगों में वटी का सेवन करने की मात्रा भी अलग अलग होती हैं अतः इसका सेवन बिना परामर्श के ना करें|

प्रभाकर वटी की उपलब्धता Prabhakar vati ki uplabdhta

  • बैधनाथ प्रभाकर वटी (BAIDYANATH PRABHAKAR VATI )
  • डाबर प्रभाकर वटी (DABUR PRABHAKAR VATI )
  • धूतपापेशवर प्रभाकर वटी (DHOOTPAPESHWAR PRABHAKAR VATI )
  • स्वदेशी प्रभाकर वटी (SWADESHI PRABHAKAR VATI )
  • श्री गंगा फार्मेसी प्रभाकर वटी (SHRI GANGA PHARMACY PRABHAKAR VATI )
  • विश्वामित्र आयुर्वेदा प्रभाकर वटी (VISHWAMITR AYURVEDA PRABHAKAR VATI )
  • वी.अच.सी.ए. प्रभाकर वटी (VHCA PRABHAKAR VATI )

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